नई दिल्ली। राजधानी में लगातार दूसरे दिन शुक्रवार सुबह बेहद खराब हवाओं के साथ शुरू हुई। सतह पर चलने वाली हवाओं के तकरीबन शांत पड़ने से ज्यादातर इलाकों में स्मॉग की घनी चादर छाई रही। इससे सड़कों पर साफ दिखना संभव नहीं था। दिन चढ़ने के साथ हालात में थोड़ा सुधार हुआ और दिनभर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 24 घंटों में 70 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 366 पर पहुंच गया। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉर कास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) का पूर्वानुमान है कि शनिवार और रविवार को गुणवत्ता गंभीर स्तर तक खराब हो सकती है। इसे देखते हुए पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम एवं नियंत्रण) प्राधिकरण (ईपीसीए) भी जरूरत के हिसाब से कदम उठाने को तैयार है।
शुक्रवार को बढ़ते प्रदूषण पर सफर का आकलन है कि सतह पर चलने वाली हवाओं के शांत होने से प्रदूषक दिल्ली के वातावरण में टिक गए। इनका दूर-दूर तक फैलना संभव नहीं हो सका। इससे सुबह से ही हवा बेहद खराब रही। 10 बजे का सूचकांक 370 से ऊपर चला गया था। हालांकि, दिन में धूप खिलने से प्रदूषण का स्तर थोड़ा कम हुआ। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की तरफ जारी 24 घंटों का औसत एक्यूआई 366 रहा। शुक्रवार को यह 296 रिकॉर्ड किया गया था।
सफर का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिनों तक हवा की चाल में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इससे प्रदूषकों के दिल्ली से दूर जाने की उम्मीद नहीं है। वातावरण मे फैलकर वह प्रदूषण स्तर बढ़ाएंगे। शनिवार और रविवार को कुछ समय के लिए गुणवत्ता गंभीर स्तर में भी जा सकती है।
17 फीसदी रहा पराली के धुएं का हिस्सा
सफर के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा व पड़ोसी इलाकों में पराली जलाने के 1213 मामले रिकॉर्ड हुए। इससे दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा 17 फीसदी पहुंच गया। 24 घंटे में इसमें आठ फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। बृहस्पतिवार को यह आंकड़ा नौ फीसदी था।
हालात पर ईपीसीए की नजर
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण पर ईपीसीए की नजर है। शुक्रवार को जारी ईपीसीए के एक बयान में कहा गया कि शनिवार को कुछ देर के लिए दिल्ली-एनसीआर की हवा गंभीर स्तर पर प्रदूषित हो सकती है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि 25 अक्तूबर को हवा की दिशा बदलने पर प्रदूषण पर क्या असर पड़ेगा? इस वक्त प्रदूषण रोकने के सभी विकल्पों पर सख्ती से काम करना है। वहीं, लोगों को प्रदूषण से बचने के लिए मास्क आदि पहनना चाहिए।
कई इलाकों में हवाएं गंभीर स्तर तक खराब
दिल्ली की हवा बेशक बेहद खराब हो, लेकिन शुक्रवार कई इलाकों में हवाएं गंभीर स्तर तक खराब रहीं। यहां का सूचकांक 400 से ऊपर चला गया था। इनमें अलीपुर की हवा सबसे खराब रही। यहां का एक्यूआई 447 रिकॉर्ड किया गया। सीपीसीबी के मुताबिक, अलीपुर के अलावा शादीपुर का सूचकांक 441, मुंडका 419, वजीरपुर 432, आनंद विहार 405, बवाना 413, विवेक विहार 422, रोहिणी 401, जहांगीरपुरी 418 व पटपड़गंज 415 रहा।