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Delhi News: शकरपुर स्कूल ब्लॉक-2 में सीवर जाम और अतिक्रमण से बेहाल ज़िंदगी

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निवासियों ने कहा- गलियों में भरी पड़ी है गाद, कॉलोनी में नहीं है प्रयाप्त शौचालय, सुरक्षा भी नहीं
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संवाद न्यूज एजेंसी

पूर्वी दिल्ली। शकरपुर स्थित स्कूल ब्लॉक-2 के निवासी अतिक्रमण, सीवर जाम और कूड़े की समस्या से परेशान हो गए हैं। यही नहीं, कॉलोनियों में पीने के लिए सीवर का पानी आने से उनका जीना मुहाल हो गया है। ऐसे में उन्हें पानी मजबूरन खरीद कर पीना पड़ रहा है। इसके अलावा, गलियों में गाद पड़ी रहती है। साथ ही, कॉलोनियों में शौचालयों की सुविधा नहीं होने से राहगीरों को परेशान होना पड़ रहा है। वहीं, इलाके में पुलिस की गश्त नहीं होने से बदमाशों के हौसले बुलंद हो गए हैं। आरोप है कि इन तमाम समस्याओं को लेकर प्रशासन से कई बार शिकायत की गई है, लेकिन वे उनकी समस्याओं को अनदेखा कर देते हैं।


अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में रविवार को रवि दत्त त्यागी, अशोक शर्मा, अंशुल वर्मा, जगदीश कुमार, अमित कुमार, आदित्य त्यागी, अनिल त्यागी, लक्ष्मी चंद त्यागी, कृष्ण कुमार झा, राहुल त्यागी और सुंदर लाल समेत अन्य लोगों ने बताया, लोगों के घरों में सीवर का पानी आ रहा है, जिसे पीकर लोगों के स्वास्थ्य खराब हो रहे हैं। गंदे पानी की सप्लाई की वजह से उन्हें पानी खरीदना पड़ रहा है। कई लोगों को मजबूरन अपने घरों में आरओ लगाने पड़े हैं। ऐसे में उनके घरों का बजट बिगड़ रहा है। इसके अलावा कॉलोनियों में जो सीवर की पाइपलाइन डाली गई है, वो बहुत पुरानी हो चुकी है। सीवरों के अंदर गाद जमी हुई है, जिसकी वर्षों से सफाई नहीं की गई है। ऐसे में सीवर का पानी गलियों में बहता रहता है। इससे आवाजाही करने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा लोगों ने पूरी गलियों में कब्जा कर लिया है। यहां तक की लोगों को फुटपाथ पर चलने के लिए जगह भी नहीं मिलती है। साथ ही, इलाके में शौचालयों की सुविधा न होने से स्थानीय लोगों और राहगीरों दोनोें को परेशान होना पड़ रहा है। इलाके में जो शौचालय बना हुआ है, वे भी बदहाल पड़ा हुआ हैं। वहीं, आरोप है कि पुलिस की गश्त नहीं होने से इलाके में वारदात की घटनाएं बढ़ती जा रही हैंं।
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नलों से आता है काला पानीनलों में से बिल्कुल काला पानी आता है, जिसकी वजह से पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। ऐसे में लोगों के बजट पर असर पड़ रहा है। रवि दत्त त्यागी, अध्यक्ष।
कॉलोनी में जो सीवर की पाइपलाइन है, वह बहुत पुरानी हो चुकी है। वह कई जगह से टूट चुकी है। सीवर का पानी गलियों में बहता रहता है। अनिल त्यागी, निवासी।
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इलाके में शौचालयों की कमी है। इसके अलावा जो शौचालय बने हुए हैं, उनकी हालत जर्जर हो चुकी है। उनकी सफाई महीनों तक नहीं होती है। लक्ष्मी त्यागी, निवासी।

गलियों और सड़कों पर कूड़े पड़ा रहता है। कई दिनों तक कूड़े को नहीं उठाया जाता है, जिसमें दुर्गंध आती रहती है। ऐसे में परेशानी होती है। आदित्य त्यागी, निवासी।
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