दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने भी शरजील इमाम के खिलाफ धार्मिक दुश्मनी को बढ़ावा देने के आरोपों के अलावा आईपीसी की धारा 153 (दंगा भड़काने के इरादे से भड़काऊ बयान देने) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। बता दें कि आईपीसी की धारा 124 ए के तहत दोषी पाए जाने पर शरजील इमाम को आजीवन कारावास हो सकता है।
दिल्ली से बाहर अब जहां भी पेशी के लिए इमाम को ले जाया जाएगा, तो उसके साथ दिल्ली पुलिस रहेगी। उत्तर-पूर्व के राज्यों में हवाईजहाज से जाना होगा। यूपी में रेल मार्ग से जाया जा सकता है। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, यदि हवाई मार्ग से इमाम को पेशी पर ले जाया जाता है, तो वह निश्चित तौर पर खर्चीला रहेगा। एक पेशी पर करीब डेढ़ से दो लाख रुपये तक खर्च आएगा।
कई जगह पर हवाईजहाज से उतरने के बाद सड़क मार्ग से जाना होगा। पुलिस टीम का ठहरना और खाने पीने का खर्च, सब मिलाकर लाखों में पहुंचेगा। अगर एक माह के भीतर तीन राज्यों में दो-दो बार पेशी होती है, तो खर्च का अंदाजा लगाया जा सकता है। ऐसे में दिल्ली पुलिस कोर्ट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी भुगतने का आग्रह कर सकती है। हालांकि सभी जगह पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।