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दिल्ली में लगेंगे क्यूआर कोड स्कैनर : स्कैन कर उठवा सकेंगे कूड़ा, कर सकेंगे सार्वजनिक शौचायलों की शिकायत

Thu, 01 Apr 2021 10:12 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • सभी सार्वजनिक शौचालयों व ढलाव घरों पर लगेगा क्यूआर कोड 
  • दिल्ली-एनसीआर में पैदा होने वाले इलेक्ट्रॉनिक कचरे का ई वेस्ट पार्क में होगा निष्तारण 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्वी निगम क्षेत्र निवासी आने वाले दिनों में अपने नजदीकी ढलाव घरों से क्यूआर कोड स्कैन कर कूड़ा उठवा सकेंगे। इसके लिए उन्हें निगम को फीडबैक देना होगा। इस पर निगम कार्रवाई करेगा। साथ ही सार्वजनिक शौचालयों को लेकर भी नागरिक अपना सुझाव दे सकते हैं।

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इस कड़ी में पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने एक कदम बढ़ाते हुए क्यूआर कोड के माध्यम से सार्वजनिक शौचालय और ढलाव घरों के संबंध में क्यूआर कोड से फीडबैक देने की व्यवस्था तैयार की है। पूर्वी निगम के महापौर निर्मल जैन ने बताया कि क्यूआर कोड सभी सार्वजनिक शौचालय, सामुदायिक शौचालय एवं ढलाव घरों पर लगाए जाएंगे। शौचालय में बिजली, पानी की आपूर्ति, साबुन की उपलब्धता, साफ-सफाई, टॉयलेट सीट की सफाई संबंधी फीडबैक क्यूआर कोड के माध्यम से दर्ज कराया जा सकता है। वहीं, कूड़ा न उठने पर भी फीडबैक दर्ज हो सकता है। 

पूर्वी निगम के आयुक्त विकास आनंद ने कहा कि क्यूआर कोड के माध्यम से स्थानीय लोग स्मार्टफोन पर आसानी से फीडबैक दर्ज करवा सकेंगे। इस अनूठे तरीके से नागरिकों की समस्याओं के बारे में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि क्यूआर कोड को स्कैन करने के बाद पांच विकल्प आएंगे। इसमें बिजली, पानी, साबुन की उपलब्धता, शौचालय परिसर में टॉयलेट सीट की साफ-सफाई संबंधी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। 

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दिल्ली-एनसीआर में पैदा होने वाले इलेक्ट्रॉनिक कचरे का ई वेस्ट पार्क में होगा निष्तारण 

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में इलेक्ट्रॉनिक कचरा (ई वेस्ट)के उचित प्रबंधन के लिए अहम निर्णय लिए गए। दिल्ली-एनसीआर में इकट्ठा होने वाले टनों ई वेस्ट की रिसाइक्लिंग,  और निस्तारण के लिए कार्य योजना तैयार कर, ई वेस्ट पार्क विकसित करने को कहा गया। ऐसे पार्क विकसित करने के लिए औद्योगिक इकाईयों से भी सहयोग लिया जाना चाहिए ताकि इलेक्ट्रॉनिक कचरे के दुष्प्रभावों से लोगों और पर्यावरण को बचाया जा सके। 

बैठक में मुख्य सचिव, निगमों के आयुक्तों सहित आईआईआईटीडी के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।उप राज्यपाल ने ई वेस्ट के बेहतर प्रबंधन करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए इंसेटिव जबकि निस्तारण में लापरवाही बरतने वालों को रोकने के लिए उचित कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। इस दौरान एक्सटेंडेड प्रोड्यूशन रिस्पांसिबिलिटी(ईपीआर) के प्रावधान से भी इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट के उचित प्रबंधन में मदद मिलेगी।

एलजी ने बैठक में अधिकारियों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पर्यावरण मंत्रालय सहित संबंधित एजेंसियों के संपर्क में रहने के निर्देश दिए ताकि ई वेस्ट प्रबंधन से संबंधित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके। 

ई वेस्ट की होगी जियो ट्रैकिंग 
ई वेस्ट की जियो ट्रैकिंग और पारंपरिक कबाड़ी वालों को भी एक संगठित करने पर जोर देते हुए अधिकारियों को इसके लिए खाका तैयार करने को कहा गया। इससे अलग अलग जगहों से इकट्ठा किए जाने वाले ई वेस्ट में मौजूद हानिकारक धातु या उपकरणों के मुताबिक निष्तारण संभव होगा। जियो ट्रैकिंग से ई वेस्ट को खुले वातावरण में बिखेरने से रोकने के साथ साथ उचित निष्तारण किया जाएगा। इससे इलेक्ट्रॉनिक कचरे के विपरीत प्रभावों को भी कम किया जा सकेगा। 
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