चांदनी चौक में पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण कार्य के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जलभराव की समस्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान हो रही जलभराव की समस्या दूर करने के लिए चांदनी चौक की ही नहीं, बल्कि पूरी दिल्ली के ड्रेनेज सिस्टम को ठीक करने के लिए योजना बनाई जा रही है। दिल्ली का ड्रेनेज सिस्टम हमें विरासत में मिला है।
वर्षों से खराब ड्रेनेज सिस्टम दो साल में ठीक नहीं हो सकता है। पूरी दिल्ली के ड्रेनेज सिस्टम को ठीक करने की योजना बना रहे हैं। कुछ साल बाद दिल्ली में बारिश के दौरान जगह-जगह पानी जमा होने और सड़कें जलमग्न होने का सिलसिला खत्म हो जाएगा। इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री सत्येंद्र जैन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री इमरान हुसैन और स्थानीय विधायक प्रहलाद सिंह साहनी भी मौजूद रहे।
जनता की सुविधाओं का रखा ख्याल
चांदनी चौक के पुनर्विकास के दौरान आम जनता की सुविधाओं का भी पूरा ख्याल रखा गया है। चांदनी चौक कॉरिडोर की लंबाई के साथ बलुआ पत्थर के बोलर्ड लगाकर सभी जोन को अलग किया गया है और यातायात (गैर मोटर चालित और पैदल यात्री) का चैनलीकरण किया गया है। सड़क मार्ग पर चार जंक्शन बनाए गए हैं। यह जंक्शन लाल किला, गुरुद्वारा सीसगंज (फाउंटेन चौक), टाउन हॉल और फतेहपुरी मस्जिद के पास बने हैं। लोगों की सहूलियतों का ख्याल रखते हुए 4 शौचालय व 2 पुलिस पोस्ट बनाए गए हैं। वाटर एटीएम, एसएस कूड़ेदान और बैठने के लिए सैंडस्टोन की सीटें लगाई गई हैं।
जोन-1 से जोन-5 तक 197 इलेक्ट्रिक पोल लगाए गए हैं। पूरे एरिया में जगह-जगह 124 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसमें चोरी की घटनाओं को नियंत्रित करने और पुलिस को मदद के लिए 100 बुलेट कैमरे लगाए गए हैं।
यातायात को नियंत्रित करने के लिए 23 एनपीआर कैमरे लगाए गए हैं। लाल किला जंक्शन पर एक आरएलवीडी कैमरा लगा है। यातायात की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए सड़कों पर 17 बूम बैरियर लगाए गए हैं। आने वाले दिनों में यातायात कानूनों के उल्लंघन को नियंत्रित करने और एनएमवी नियमों को सुनिश्चित कराने के लिए बूम बैरियर स्थानों पर 17 एनपीआर कैमरे लगाए जाएंगे।
पानी के एटीएम, शौचालय और कूड़ेदान की भी सुविधा
पुनर्विकास प्रोजेक्ट पर एक नजर
चांदनी चौक के पुनर्विकास प्रोजेक्ट के प्रस्ताव को 27 अगस्त 2018 को अनुमोदित किया गया था। लोक निर्माण विभाग ने मार्च 2019 में कार्य शुरू किया था। चांदनी चौक कॉरिडोर का नोटिफिकेशन जून 2021 में हुआ था।
कॉरिडोर की लंबाई 1.4 किलोमीटर
कॉरिडोर की लंबाई लाल किला से फतेहपुरी मस्जिद तक 1.4 किलोमीटर है और चौड़ाई 26 से 30 मीटर है। लालकिला जंक्शन की चौड़ाई 40 मीटर और स्ट्रेच-1 (लाल जैन मंदिर से गुरुद्वारा सीसगंज) 440 मीटर है। स्ट्रेच-2 (गुरुद्वारा सीसगंज से टाउन हॉल) 450 मीटर, स्ट्रेच-3 (टाउन हॉल से बल्लीमारान) 220 मीटर और स्ट्रेच-4 (बल्लीमारान से फतेहपुरी मस्जिद) 250 मीटर है। जोन-1 में इमारतों के अंत तक एनएमवी लेन का किनारा 5 से 11 मीटर चौड़ा है। इसी तरह जोन-2 में एनएमवी लेन 5.5 मीटर, जोन-3 में सेंट्रल वर्ज 3.5 मीटर, जोन-4 में एनएमवी लेन 5.5 मीटर और जोन 5 में इमारतों के अंत तक एनएमवी लेन का किनारा 5 से 10 मीटर चौड़ा है। जोन-1 और जोन-5 के सड़क मार्ग को ग्रेनाइट से बनाया गया है। जोन-3 ग्रीन एरिया के बीच में ग्रेनाइट फर्श दिया गया है और जोन-2 और जोन-4 के सड़क मार्ग के फुटपाथ को रंगीन कंक्रीट से बनाया गया है।
ये है सुविधाएं
1. दिव्यांगों के अनुकूल स्पर्शनीय फर्श।
2. भूमिगत केबल, सीवरेज सिस्टम और कॉम्पैक्ट ट्रांसफार्मर।
3. चीनी मिट्टी और सैंड स्टोन के चार साइनेज लगाए। इन पर हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू और पंजाबी में जानकारी दी।
4. दिल्ली की विरासत संरक्षण और संस्कृति का संरक्षण।