अगले दो साल के भीतर देश की राजधानी दिल्ली और मेरठ के बीच चलने वाली रैपिड रेल के लिए निर्माण के काम में तेजी आ गई है। दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के दिल्ली में एलिवेटेड सेक्शन का पहला खंभा बन चुका है, जो न्यू अशोक नगर आरआरटीएस स्टेशन के पास है।
एलिवेटेड आरआरटीएस सेक्शन सराय काले खां आरआरटीएस स्टेशन से शुरू होगा और न्यू अशोक नगर आरआरटीएस स्टेशन तक पहुंचने के लिए यमुना नदी पार करते हुए बारापुला फ्लाईओवर के ऊपर से गुजरेगा। जिस खंभे को बनाया गया है, उसकी ऊंचाई 6.5 मीटर है। इस सेक्शन पर खंभों की औसत ऊंचाई 5.6 मीटर से लेकर 17 मीटर तक होगी।
यमुना नदी को पार करने के लिए आरआरटीएस का पहला पुल डीएनडी फ्लाई- वे के लगभग समानांतर निर्माणाधीन है। पैकेज छह के तहत न्यू अशोक नगर से कोंडली के बीच पाइलिंग और पाइल कैप सहित नींव बनाने के कार्य जोरों से चल रहे है। दिल्ली में 9.2 किलोमीटर के एलिवेटेड कॉरिडोर में से लगभग दो किमी तक नींव का काम पूरा हो चुका है।
कोरोना महामारी के बीच आरआरटीएस वायडक्ट बनाने के लिए 12 लान्चिंग गैन्ट्री (तारिणी) की मदद से पूरे 82 किमी लंबे कॉरिडोर पर निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस ट्रैक पर 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन दौडे़गी, जिससे दिल्ली और मेरठ के बीच बेहद कम समय में दूरी तय की जा सकेगी।