हवा में नमी का स्तर अधिक होने व पारा कम होने की वजह से सुबह के समय दिल्ली-एनसीआर कोहरे की चादर में लिपट रहा है। शुक्रवार की सुबह भी कोहरे की वजह से सड़कों पर दृश्यता का स्तर 200 मीटर तक दर्ज किया गया। इस वजह से कई उड़ानों से लेकर ट्रेनों के पहिये भी देरी से खिसके। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि बारिश होने की स्थिति में कोहरे से राहत मिल सकती है। हालांकि, बारिश का दौर गुजरने के बाद फिर से कोहरा छाएगा।
घने कोहरे ने विमानों और ट्रेनों की रफ्तार को थामा,
घने कोहरे ने रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। ट्रेनों के साथ विमानों के संचालन पर भी असर पड़ है। शुक्रवार सुबह दृश्यता 50 मीटर से भी कम होने की वजह से ट्रेनों की रफ्तार थम गई तो दिल्ली हवाई अड्डे के रनवे पर विमानों की आवाजाही तकनीक का सहारा लेकर की गई। 30 से अधिक ट्रेनें देरी से चली तो करीब 125 उड़ानें प्रभावित हुईं। गणतंत्र दिवस की वजह से नोटम लागू होने से भी विमानों का संचालन प्रभावित हो रहा है।
उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड व धुंध ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। ट्रेन लगातार देरी से अपने गंतव्य स्टेशन पर पहुंच रही हैं। शुक्रवार को मुख्य रूप से पुरुषोत्तम, महाबोधी, जबलपुर-निजामुद्दीन समेत आधा दर्जन से अधिक ट्रेन 4-4 घंटे की देरी से दिल्ली के स्टेशनों पर पहुंची तो वहीं राजेंद्र नगर राजधानी, दिल्ली-लखनऊ मेल, रीवा एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस समेत 10 से अधिक ट्रेन ढाई घंटे की देरी से पहुंची। इसके अलावा फैजाबाद/अयोध्या, प्रतापगढ़-दिल्ली, सहरसा-नई दिल्ली, विशाखापत्तनम-निजामुद्दीन, मुंबई-हरिद्वारा एक्सप्रेस, जम्मू-नई दिल्ली समेत कई ट्रेन देरी से दिल्ली के स्टेशनों पर पहुंची।
उधर, दिल्ली एयरपोर्ट पर भी विमानों की आवाजाही बेहद प्रभावित हुई। सुबह करीब साढ़े तीन बजे रनवे कोहरे की चादर में लिपट गया। इस वजह से लो विजिबिलिटी प्रोसीजर लागू कर विमानों की आवाजाही कराई गई। इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम के माध्यम से रनवे पर विमानों की आवाजाही की वजह से विमानों के संचालन पर असर पड़ा। हालांकि, कोहरे की वजह से ना तो कोई विमान का रूट परिवर्तित किया गया और ना ही निरस्त हुआ।