कुलियों का कहना है कि कोविड लॉकडाउन के चलते उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दो साल हो गए, पूरा मजदूर वर्ग कर्ज में डूब गया है।
कोरोना महामारी की मार हर वर्ग के लोग झेल रहे हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों की नौकरी चली गई और कारोबार ठप है। जिससे परेशानियां लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। इससे कुली भी वंचित नहीं हैं।
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दिल्ली के कुलियों का कहना है कि कोविड लॉकडाउन के चलते उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दो साल हो गए, हमारी कमाई जीरो हो गई है और पूरा मजदूर वर्ग कर्ज में डूब गया है। सोनू कुली ने बताया कि कुछ लोग बैग लेकर आते हैं, लेकिन वे हमें ले जाने नहीं देते हैं। क्योंकि छूने से संक्रमण फैलने का खतरा रहता है।
कुलियों ने कहा कि यात्री अपना बैग खुद ही लेकर चले जाते हैं, हमलोग स्टेशन पर बैठे ही रह जाते हैं। संक्रमण के डर से कोई बैग उठाने को नहीं देते हैं। काम नहीं मिलने से कमाई पूरी तरह से ठप हो गई है। कर्ज लेकर रोजी-रोटी चला रहे हैं, जिसके चलते भारी कर्ज में डूब गए हैं।