जबकि गुरुग्राम का प्रदूषण स्तर सबसे ज्यादा मध्यम स्तर पर दर्ज किया गया। इससे पहले कोरोना महामारी के दौरान भी दिल्ली की सड़कों से कम हुए वाहनों के कारण प्रदूषण स्तर में गिरावट दर्ज हुई थी। शुक्रवार को भी कुछ ऐसी ही स्थिति देखने को मिली। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली का प्रदूषण स्तर 83 सूचकांक दर्ज किया गया जो बृहस्पतिवार के मुकाबले 21 सूचकांक कम है।
वहीं इससे पहले एक सितंबर को दिल्ली का प्रदूषण सूचकांक 140 दर्ज किया गया। उसके बाद से प्रदूषण स्तर में लगातार गिरावट दर्ज हो रही है। बृहस्पतिवार को यह स्तर घटकर 104 तक पहुंच गया था। वहीं एनसीआर की बात करें तो शुक्रवार को फरीदाबाद का प्रदूषण स्तर 91, गाजियाबाद का 79, ग्रेटर नोएडा का 114, गुरुग्राम का 118 और नोएडा का 88 सूचकांक दर्ज किया गया।
प्रदूषण स्तर में गिरावट का रुख दिल्ली के साथ एनसीआर क्षेत्र में भी दर्ज किया जा रहा है। विभाग की माने तो आने वाले दिनों में मौसम अनुकूल बने रहने के संभावना है। ऐसे में उम्मीद है कि 10 सितंबर तक दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर संतोषजनक स्तर में ही बना रह सकता है। एनसीआर में भी प्रदूषण स्तर मध्यम से संतोषजनक श्रेणी में बने रहने की संभावना है।
दिल्ली में अगले दो दिन चलेंगी हवाएं, होगी हल्की बारिश
भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली में हवाओं की दिशा दक्षिण पूर्व-उत्तरपश्चिम से बदलकर पूर्व व दक्षिण-पूर्व हो गई। वहीं दिन में 15 किमी की गति से मध्यम स्तर की हवाएं चली। दिल्ली के कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई। जिससे प्रदूषण स्तर में गिरावट दर्ज हुई है। इसके अलावा सड़कों पर कम हुए वाहन से भी प्रदूषण स्तर में सुधार देखा गया है। दिल्ली में अगले दो दिनों तक हवाओं की दिशा पूर्व और दक्षिण-पूर्व बनी रहने की उम्मीद है। दिल्ली के कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। हवाओं की गति भी बढ़ने की उम्मीद है।