हवाओं की सुस्त चाल और लुढ़कते पारे से एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर की हवा की सेहत को बिगड़ गई है। इस महीने दो दिसंबर के बाद पहली बार मंगलवार को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता गंभीर दर्ज की गई। 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 402 पर पहुंच गया।
दिलचस्प यह कि वायु प्रदूषण पूरी स्थानीय है। इसमें पराली के धुएं का हिस्सा नगण्य है। वायु गुणवत्ता पर नजर रखने वाली एजेसियों को पूर्वानुमान है कि अगले तीन दिनों तक हवा की गुणवत्ता कमोवेश एक सी रहेगी। उसके बाद वीकेंड पर गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
वायु मानक संस्था सफर के मुताबिक, इन दिनों तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। वहीं हवाओं की चाल भी धीमी हो गई है। इससे मिक्सिंग हाइट नीचे आ गई है। वहीं, भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) का कहना है कि मंगलवार को दिल्ली में हवा की रफ्तार चार किमी प्रतिघंटा, मिक्सिंग हाइट 800 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स 1500 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रिकॉर्ड किया गया।
वर्तमान में हवाओं की दिशा पूर्वी है। इससे पराली के धुएं का हिस्सा नगण्य रहा। स्थानीय प्रदूषक ही हवा की गंभीर स्तर तक खराब करने में प्रभावी रहे हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, मंगलवार को दिल्ली का एक्यूआई 402 रहा। वहीं, फरीदाबाद की हवा भी 395 एक्यूआई के साथ दमघोंटू बनी रही। कुछ इसी तरह की स्थिति एनसीआर के सभी शहरों में रिकॉर्ड हुई है। दिसंबर में यह दूसरी बार है जब हवा की गुणवत्ता बिगड़कर गंभीर श्रेणी में पहुंची है। गत दो दिसंबर को हवा की गंभीर श्रेणी में पहुंचने के बाद लगातार एक्यूआई खराब से बहुत खराब श्रेणी में बना हुआ था।