अगर किसी के साथ कोई वारदात हो जाती है और कहीं जाना पड़ता है तो पुलिस गाड़ी लाने की बात कहती है, मगर अब ऐसा नहीं होगा। अब दिल्ली पुलिस कर्मी आप से गाड़ी नहीं मांगेगे। पुलिस ने काफी टैक्सी स्टैंड अधिकृत किए हैं, जिनसे पुलिसकर्मी किराए पर गाड़ी लेकर पीड़ित के साथ जा सकेंगे।
ऐसे में गाड़ी लाने के चक्कर में कहीं आने-जाने में देर भी नहीं होगी। विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध शाखा) देवेश श्रीवास्तव की ओर से यह सकुर्लर जारी किया गया है। यदि कोई पीड़ित से वाहन की मांग करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सकुर्लर में कहा गया है कि कुछ टैक्सी स्टैंड चिह्नित किए हैं। इनसे पुलिसकर्मी टैक्सी किराए पर लेकर पीड़ित की मदद के लिए कहीं भी जा सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ज्यादातर देखने में आता था कि पुलिसकर्मी पीड़ित से गाड़ी लाने के लिए कहते थे। जैसे किसी का बच्चा खो गया और उसे बरामद करने जाना है तो दिल्ली पुलिसकर्मी पीड़ित से गाड़ी लाने के लिए कहते थे। कई बार पीड़ित गरीबी की चलते गाड़ी लाने में असमर्थ होता था। ऐसे में बच्चा मिल नहीं पाता था।
देवेश श्रीवास्तव ने बताया कि गाड़ी किराए पर लेकर पीड़ित के साथ जाने का सिस्टम अपराध शाखा की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और सभी 15 जिलों की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिटों में लागू किया गया है। इसके तहत हर जिले में टैक्सी स्टैंड अधिकृत किए गए हैं। इस प्रक्रिया के लिए टेंडर जारी किए गए थे। टेंडर प्रक्रिया जारी होने के बाद टैक्सी स्टैंड को अधिकृत किया गया है।