प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई शिक्षा नीति (एनईपी) लागू होने के एक साल पूरे होने के अवसर पर 29 जुलाई को छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करेंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि एनईपी के कारण देश की स्कूली, उच्च, तकनीकी शिक्षा में जल्द बदलाव दिखेंगे।
प्रधान ने ट्वीट कर बताया कि एनईपी, शिक्षा के परिदृश्य को बदलने, उसे समग्र बनाने और आत्मनिर्भर भारत के लिए मजबूत नींव तैयार करने के लिए मार्गदर्शक विचार है। एनईपी के तहत एक साल में हुए सुधारों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी 29 जुलाई को देश को संबोधित करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री एनईपी के लागू होने के बाद की प्रगति पर चर्चा करेंगे साथ ही भविष्य की परियोजनाओं का खाका भी साझा करेंगे।
उन्होंने माना कि वैश्विक महामारी के चलते शिक्षण संस्थान बंद होने से शिक्षा प्रभावित हुई है। ऑनलाइन शिक्षा, उससे जुड़ी दिक्कतों, कौशल विकास, रोजगार आदि पर 15 अगस्त के बाद वे सभी राज्यों के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक करेंगे। उन्होंने कहा, शिक्षा बेशक राज्यों का विषय है, लेकिन केंद्र उनकी दिक्कतों को दूर करने में मदद करेगा। इसमें शिक्षण संस्थानों के खोलने पर भी जानकारी ली जाएगी।
छह लाख गांवों में इंटरनेट सुविधा जल्द
प्रधान ने कहा कि महामारी में ऑनलाइन पढ़ाई की जरूरत महसूस हुई। देश के सभी छह लाख गांव जल्द इंटरनेट से जुड़ जाएंगे। अब पीपीपी मोड में भी नेटवर्क कनेक्टिविटी पर काम हो रहा है।
शिक्षकों के वैक्सीनेशन पर मांगी जानकारी
शिक्षा मंत्री ने कहा कि उन्होंने शिक्षकों के टीकाकरण की रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। इसका मकसद शिक्षकों के टीकाकरण का सही आंकड़ा जुटाना है। उम्मीद है कि सभी शिक्षक टीकाकरण अभियान से जुड़ चुके होंगे।