नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कालिंदी कॉलेज की दो एसोसिएट प्रोफेसरों की याचिका खारिज कर दी है। दोनों ने यौन उत्पीड़न की शिकायत की जांच के लिए बनाई गई नई आंतरिक समिति पर सवाल उठाए थे। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि समिति के पक्षपाती होने की आशंका के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं दिया गया है। हालांकि, अदालत ने समिति को फैसले की प्रति मिलने के 90 दिनों के भीतर जांच पूरी करने की कोशिश करने का निर्देश दिया है।
दोनों शिक्षिकाओं ने सात जुलाई 2025 को कॉलेज के प्रिंसिपल से शिकायत की थी। इसमें चार शिक्षकों पर उत्पीड़न, डराने-धमकाने और यौन प्रकृति की अपमानजनक टिप्पणियां करने के आरोप लगाए गए थे। शिकायत में स्टाफ एसोसिएशन के व्हाट्सएप समूह और तीन जुलाई को हुई बैठक का भी जिक्र था। पुरानी आंतरिक शिकायत समिति ने सितंबर 2025 में आरोपों को यौन प्रकृति का नहीं माना था। कॉलेज की प्रबंधन समिति ने जनवरी 2026 में इस रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया। इसके बाद शिकायतकर्ताओं ने दोबारा जांच की मांग की। कुलपति ने 16 जुलाई 2026 को पुरानी जांच रद्द कर नई समिति बनाने का आदेश दिया। शिक्षिकाओं ने नई समिति में शामिल कुछ सदस्यों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे। संवाद