दिल्ली के जीबी रोड में रेड-लाइट क्षेत्रों में कार्य फिर से शुरू हो गया है जिसके कारण लोगों का आनाजाना बढ़ गया है। इस कारण जीबी रोड के आसपास के क्षेत्रों में भय और निराशा का माहौल है। इस क्षेत्र में 4000 से अधिक छोटे व्यवसाय के मालिक और अन्य निवासी रहते हैं।
दिल्ली में हर रोज कोरोना के मामलों में वृद्धि जारी है। इससे वहां के निवासियों को डर है कि रेड-लाइट क्षेत्रों में जाने वाले लोग वायरस के संभावित हो सकते हैं। जीबी रोड की तंग गलियों में 100 से अधिक वेश्यालय हैं, जहां प्रत्येक वेश्यालय में करीब 10-30 यौनकर्मी रहती हैं। ऐसे में अगर उस क्षेत्र में कोरोना का एक भी पॉजिटिव केस आ गया तो उससे पूरा इलाका कोरोना का हॉटस्पॉट बन सकता है।
पीपुल्स फाउंडेशन के साथ समुदाय के सदस्यों के समूह ने रेड लाइट एरिया में आने वाले लोगों, यौनकर्मियों और ग्राहकों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए जीबी रोड के आसपास पोस्टर और बैनर लगाए हैं। पोस्टर और बैनर के माध्यम से सोशल डिस्टेंसिंग पर जोर दिया गया है, जो कि महामारी के दौरान सुरक्षित रहने का एकमात्र तरीका है, और ऐसे में लोगों को वेश्यालय जैसे उच्च जोखिम और उच्च संपर्क वाले स्थानों पर नहीं जाना चाहिए।
मौजूदा स्थिति पर प्रकाश डालते हुए एनजीओ, पीपुल्स फाउंडेशन की महासचिव, तलहा जमीर ने कहा, “हमने पहले भी प्रशासन से यौनकर्मियों को स्थायी अंतरिम राहत प्रदान करने के लिए मदद मांगी थी ताकि वह फिर से उस व्यापार को शुरू करने के लिए मजबूर न हों।
फिलहाल हमने जागरूकता पैदा करने के लिए इसकी जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने का फैसला किया है। यौनकर्मियों ने कहा है कि वे ग्राहकों को प्रवेश देने से पहले यह सुनिश्चित करती हैं कि वे मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग करते हैं। लेकिन क्या आपको वाकई लगता है कि ये प्रभावी होगा? हमें उम्मीद है कि इस पोस्टर के माध्यम से प्रशासन इसपर गौर करेगा और हमारी मदद करेगा।”
कुछ सप्ताह पहले रेड-लाइट एरिया में लॉकडाउन का विस्तार करने और ग्राहकों का प्रवेश बंद करने के लिए एक सतर्कता बनाए रखने के लिए समुदाय द्वारा दिल्ली प्रशासन में 500 से अधिक हस्ताक्षरकर्ताओं के साथ एक पत्र विधायक शोएब इकबाल, डीएम और एसडीएम बलराम मीणा और अन्य को प्रस्तुत किया गया था।