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Delhi News: पुराने आवासीय परिसरों के पुनर्विकास में आसान होगी मंजूरी की राह

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- डीडीए ने आरडब्ल्यूए, आवासीय सोसायटियों और उद्योग जगत के साथ की चर्चा
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के पुराने आवासीय परिसरों के पुनर्विकास और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए डीडीए ने मास्टर प्लान दिल्ली-2047 को लेकर हितधारकों के साथ चौथे और पांचवें दौर की बैठक की। उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू के निर्देश पर आयोजित इन बैठकों में आरडब्ल्यूए, सहकारी समूह आवास समितियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में 50 वर्ष से अधिक पुराने आवासीय परिसरों और संरचनात्मक रूप से असुरक्षित इमारतों के पुनर्विकास पर विशेष जोर दिया गया। डीडीए ने बताया कि मास्टर प्लान-2047 में ऐसे पुराने इलाकों के योजनाबद्ध पुनर्विकास के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। इसमें परिवहन आधारित विकास, निर्माण क्षेत्र अनुपात (एफएआर), प्रोत्साहन आधारित एफएआर और आबादी के घनत्व को तर्कसंगत बनाने जैसे प्रावधान शामिल हैं।
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अधिक मकान, खुले स्थान और बेहतर पार्किंग की योजना
बैठक में आसपास के भूखंडों को एक साथ जोड़कर पुनर्विकास करने, सड़क नेटवर्क, पार्किंग, खुले स्थान, पर्यावरण अनुकूल विकास और कचरा प्रबंधन पर भी चर्चा हुई। आवासीय सोसायटियों के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं और सुझाव भी रखे। उन्होंने पुनर्विकास के लिए अधिक एफएआर देने, विभिन्न विभागों से मंजूरी लेने के लिए एकल खिड़की व्यवस्था शुरू करने और पुरानी इमारतों का संरचनात्मक सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की।
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उद्योगों को बढ़ावा देने पर भी जोर
पांचवें दौर की बैठक में उद्योग और वाणिज्य जगत के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसमें भारतीय उद्योग परिसंघ, भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, एसोचैम और दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में दिल्ली में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए मास्टर प्लान-2047 के प्रावधानों पर चर्चा हुई। डीडीए की जमीन निजी क्षेत्र को उपलब्ध कराने और संस्थागत सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े प्रावधानों की जानकारी भी उद्योग प्रतिनिधियों को दी गई। प्रतिनिधियों ने मास्टर प्लान के प्रावधानों को लागू करने को लेकर अपने सुझाव और चिंताएं डीडीए के सामने रखीं।

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