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कोरोना: रुके काम को पटरी पर लाने की तैयारी में रेलवे, डिस्पोजेबल कंबल व चादर खरीद सकेंगे यात्री

Thu, 16 Sep 2021 11:47 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

स्टेशनों पर लिफ्ट, स्वचालित सीढिय़ों की समस्या बराबर रहती है। कई बार इसकी सुविधा होने के बावजूद दोनों बंद रहते है और यात्रियों को सीढिय़ों का सहारा लेना पड़ता है।
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रेलवे स्टेशन - फोटो : Agency
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विस्तार
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कोविड की वजह से रुके काम को एक बार फिर रेलवे रफ्तार देने की तैयारी में जुटा है। यात्री सुविधाओं पर तो जोर रहेगा ही साथ ही पर्यावरण फ्रेंडली रेल बनाने की दिशा में भी दिल्ली रेल मंडल ने एक्शन प्लान तैयार किया है। साथ ही अगामी त्योहारों को लेकर भीड़ प्रबंधन, संरक्षा व सुरक्षा पर भी फोकस किया जाएगा। 

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स्टेशनों को यात्री फ्रेंडली बनाने के साथ ही जल पुर्नचक्रण को लेकर भी योजना तैयार की गई है। इतना ही नहीं कोविड की वजह से सफर के दौरान चादर-कंबल नहीं दिया जा रहा है। अब बेड रोल को यात्री सफर के दौरान खरीद कर इस्तेमाल कर सकेंगे। दिल्ली रेल मंडल के स्टेशन पर ही नहीं ट्रेनों में भी इसकी सुविधा दी जाएगी। हालांकि इसके लिए अलग से रुपये वसूले जाएंगे। रेलवे मालगाड़ी को भी नॉन स्टॉप चलाकर व्यापारियों की समस्या को खत्म करने की योजना तैयार की है। दिल्ली रेल मंडल प्रबंधक डिंपी गर्ग ने रेलवे की योजनाओं से अवगत कराया।

यात्री फ्रेंडली होगा स्टेशन
स्टेशनों पर लिफ्ट, स्वचालित सीढिय़ों की समस्या बराबर रहती है। कई बार इसकी सुविधा होने के बावजूद दोनों बंद रहते है और यात्रियों को सीढिय़ों का सहारा लेना पड़ता है। इससे निजात के लिए रेलवे ने सेंट्रलाइज मॉनीटरिंग सिस्टम लागू कर रहा है। इस सिस्टम के माध्यम से इस तरह की सुविधा चल रही है या नहीं इस पर निगाह रखी जाएगी। जानबूझ कर इसे बंद करने वालों को दंडित भी किया जाएगा।
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इसके अलावा दिल्ली मंडल में इस साल 19 लिफ्ट व 56 स्वचालित सीढ़ियां लगाकर वरिष्ठ नागरिकों की राह आसान की जाएगी। इसी तरह दिल्ली के सभी स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक व्हील चेयर से भी लैस किया जाएगा। फिलहाल इस सुविधा को निजाजुद्दीन स्टेशन पर शुरू किया गया है। ढाई सौ रुपये में वरिष्ठ यात्री स्टेशन परिसर से ट्रेन के गेट तक पहुंच सकते है।

सभी एलएचबी कोच को एचओजी से लैस किया जाएगा
ट्रेनों में कोच की संख्या बढ़ाने, वायु व ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली रेल मंडल ने एलएचबी कोच को होटल लोड जेनरेशन (एचओजी) से युक्त किया जाएगा। यानी शताब्दी व राजधानी सरीखे ट्रेन से पावर कार जेनरेटर यान को हटा दिया जाएगा। इसकी जगह एचओडी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि ट्रेनों में चलने वाली एसी, लाइट की व्यवस्था इंजन से प्राप्त बिजली से होगी। पॉवर कार हटने से इसकी जगह नई कोच लगाई जाएगी। जिससे ट्रेनों के यात्री परिवहन अधिक होगा।

यात्री गण ध्यान दें, आधा घंटा पहले स्टेशन पर पहुंचे
रेलवे की योजना है कि यात्रियों को मोबाइल पर मैसेज करके उन्हें ट्रेन छूटने से आधे घंटे पहले बुलाए। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इससे ट्रेन पकड़ने की अफरा-तफरी नहीं होगी। जल्द ही रेलवे द्वारा भेजे जाने वाले मैसेज में इस सुविधा को भी शुरू किया जाएगा।

त्योहारों के दौरान भीड़ प्रबंधन व स्पेशल ट्रेन चलाने की तैयारी
अगामी त्योहारों को देखते हुए रेलवे ने स्पेशल ट्रेन चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। इनमें छठ के दौरान पूर्वांचल की तरफ ज्यादा संख्या में ट्रेन चलाई जाएगी। इसके साथ ही कोविड को देखते हुए भीड़ प्रबंधन की भी योजना तैयार की जा रही है। ताकि सभी को सुरक्षित सफर कराया जा सके। फिलहाल 41 स्पेशल ट्रेन की समय-सारणी तैयार की जा रही है।

सुरक्षित सफर के लिए रेलवे पुलिस की मुस्तैदी
ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षित सफर के लिए रेलवे पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद है। दिल्ली मंडल के आगरा, सोनीपत, अंबाला और मुरादाबाद रेलवे पुलिस से समन्वय बैठा कर आरपीएफ की टीम असमाजिक तत्वों पर नजर रखे हुए है। साथ ही मेरी सहेली अभियान के तहत महिलाओं को सुरक्षित सफर करा रही है। साढ़े छह सौ से अधिक कोच को फायर डिटेक्शन कंट्रोल से लैस किया गया है। 116 पॉवर कार को भी इस तकनीक से लैस किया गया है। इससे ट्रेनों में आगजनी की समस्या से निजात मिलेगा।

कचरा प्रबंधन का बेहतर इंतजाम
नई दिल्ली समेत अन्य स्टेशनों पर कचरा बड़ी समस्या है। इस समस्या से निजात के लिए रेलवे ने एक स्टार्टअप कंपनी की सहायता ली है। अब रेलवे को कचरा निपटान के लिए पैसा खर्च करने की आवश्यकता नहीं होगी बल्कि कंपनी कचरा उठाने के एवज में ही रेलवे को हर साल 10 लाख रुपया देगी।

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