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चिंता : जेईई-नीट की तैयारी करने वाले बच्चों के अभिभावक चिंतित, अंकों पर निगाहें

Fri, 04 Jun 2021 05:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा किशन कुमार, नई दिल्ली

सार

  • जेईई व नीट की तैयारी कर रहे छात्रों ने दो सालों में स्कूली पढ़ाई से ज्यादा दिया तकनीकी पढ़ाई पर जोर 
  • अभिभावकों की राय- अगर स्कूल का प्रदर्शन बनता है पैमाना तो बच्चों को मिल सकते हैं कम अंक 
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demo pic... - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कोरोना काल में 12वीं की परीक्षा रद्द होने से चिंतामुक्त हुए अभिभावकों और छात्रों की नजरें अब अंकों पर जा टिकी हैं। सीबीएसई की मूल्यांकन प्रणाली विकसित करने की कोशिशों के बीच इन्हें फिक्र इस बात की है कि कहीं उनके बच्चों का 12वीं के अंक कमजोर न आ जाएं।

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सबसे ज्यादा परेशानी जेईई व नीट की तैयारी करने वाले बच्चों के अभिभावकों को है जिनका ज्यादा जोर तकनीकी परीक्षाओं के लिए खुद को तैयार करने पर रहा। इस बीच इन्होंने तकनीकी परीक्षा की तैयारियों को स्कूली पढ़ाई से अधिक तवज्जों दी। इस तरह के अभिभावकों का मानना है कि यदि सीबीएसई 11वीं व 12वीं के प्रदर्शन को अंतिम परिणाम के अंकों का आधार बनाता है तो उनके बच्चे के साथ इंसाफ नहीं होगा।  

आनंद विहार के सुधांशु शेखर ने बताया कि उनका बच्चा इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहा है। इसके लिए उसने एक नामी कोचिंग में दाखिला भी लिया था। दोनों वर्षों में उसने अधिक जोर  कोचिंग की पढ़ाई पर रखा, जिसमें जेईई मेन्स व एडवांस की परीक्षा क्रैक करने के तरीके बताए गए। इस बीच उसने स्कूली पढ़ाई पर उतना ही ध्यान दिया जिससे उसकी दाखिले की योग्यता पूरी हो सके। इस कोशिश में उसका स्कूल का प्रदर्शन बहुत बेहतर नहीं रहा है। यदि सीबीएसई 12वीं के अंकों के लिए स्कूल के प्रदर्शन को आधार बनाता हो तो जाहिरा तौर पर परिणाम उसकी योग्यता के अनुरूप नहीं होगा। 
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इसी तरह का दर्द चावड़ी बाजार ज्ञानेंद्र सिंह के बयान में झलका। बकौल ज्ञानेंद्र, बच्चा बीते दो दिनों से अपने अंकों को लेकर पेरशान है। वह हम दंपत्ति से यही सवाल कर रहा है कि इंटरनल परीक्षा के अंक कम है। इससे 12वीं के परिणाम कहीं खराब तो नहीं होगा। हम दोनों उसे सब कुछ ठीक होने की नसीहत तो दे रहे हैं, लेकिन चिंता हम लोगों की भी इस बात की है कि आगे क्या होगा। 

दूसरी तरफ दरियागंज निवासी प्रवीण वर्मा ने अंकों के मूल्यांकन पर चिंता जताते हुए कहा कि सीबीएसई सभी बच्चों को ध्यान में रखते हुए अंकों का मूल्यांकन करे, जिससे प्रवेश परीक्षा और मेरिट आधार पर दाखिला पाने वाले बच्चों को किसी भी दाखिला प्रक्रिया में खासी परेशानी न हो। 

सीबीएसई कुछ भी करे बच्चों  का साल खराब न हो
अभिभावकों की यह भी चिंता है कि इस वर्ष कहीं बच्चों का साल खराब न हो जाए। क्योंकि, जितनी देरी परिणाम को जारी करने में होगी उतना ही कम समय कॉलेज व विश्वविद्यालयों को दाखिला प्रक्रिया में मिलेगा। इससे निश्चित तौर पर ही बच्चों का समय और पूरा वर्ष खराब होने से बचेगा। 

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