रेडियोधर्मी रिसाव की अफवाह से मची अफरातफरी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एम्स में रेडियोधर्मी रिसाव की अफवाह से सोमवार को अफरातफरी मच गई। सुबह करीब 11 बजे सूचना मिली कि अस्पताल में रेडियोधर्मी का रिसाव हो गया है, इसकी वजह से कैंसर विभाग के रेडिएशन थेरेपी के लिए आए मरीजों को परेशानी हुई। इस सूचना के बाद आनन-फानन में एम्स प्रशासन ने ने इसकी जांच शुरू कर दी। बाद में पता चला कि ओपीडी परिसर में अचानक बिजली गुल होने के बाद समस्या पैदा हुई है। बिजली जाने से पूरे ओपीडी परिसर में अंधेरा छा गया। इस दौरान चल रही ओपीडी के कार्ड बनने बंद हो गए। बिजली गुल रहने से रेडियोथेरेपी और सर्जरी टल गईं।
कुछ लोग बिजली जाने के बाद चिल्लाने भी लगे। मरीजों की शिकायत थी कि सुबह से लोग लाइन में खड़े हैं, लेकिन बिजली न होने के कारण ओपीडी कार्ड नहीं बन रहा है। सुबह के वक्त ओपीडी में हर दिन करीब दस हजार मरीज मौजूद रहते हैं। बिजली कटने का समय बढ़ने के साथ तीमारदारों का गुस्सा भी बढ़ने लगा। इस दौरान लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसी दौरान यह अफवाह उड़ा दी गई कि कैंसर विभाग में रेडिएशन होने से बिजली काटी गई है।
एम्स की मुख्य प्रवक्ता डॉ. (प्रो.) रीमा दादा ने बताया कि एम्स में रेडियोधर्मी रिसाव के बारे में कुछ लोगों से सवाल किए। इन सवालों की जांच करने पर एम्स के रेडियोएक्टिव सेफ्टी ऑफिसर डॉ. अनिल कुमार पांडे ने पुष्टि की है कि एम्स में ऐसी कोई घटना नहीं हुई। हालांकि, पता चला कि ओपीडी में एनडीएमसी की तरफ से बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है। इसे कुछ देर बाद ठीक कर लिया गया। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद बिजली की समस्या को दूर कर सभी मरीजों का प्रबंधन कर लिया गया। बिजली की आपूर्ति बंद होने से अस्पताल में रोगी सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा।
मरीजों को हुई परेशानी
एम्स में बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण कैंसर और सर्जरी के मरीजों को भी परेशानी हुई। अचानक बिजली गायब हो जाने से कैंसर विभाग में रेडियोथेरेपी के लिए आए मरीजों को कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा। एक डॉक्टर ने बताया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण रेडियोथेरेपी विभाग में थेरेपी के लिए आए मरीजों को परेशानी हुई। बिजली न होने के कारण करीब एक घंटे तक मरीजों को इंतजार करना पड़ा। ऐसे में इस समय के मरीजों को बाद में फिर से बुलाया गया है। बिजली न होने के कारण करीब एक घंटे तक सर्जरी भी रोकनी पड़ी। सुबह करीब 11 बजे सर्जरी के टेबल पर मरीजों को सर्जरी के लिए लाया गया था, उसी समय बिजली चली गई, जिस कारण उन मरीजों को टेबल से हटाना पड़ा। वहीं, इस मामले में अस्पताल प्रशासन का कहना है कि एनडीएमसी की तरफ से कुछ देर के लिए बिजली की आपूर्ति प्रभावित हुई थी।