राजधानी के अस्पतालों में एक सप्ताह से ऑक्सीजन का संकट बना हुआ है। बृहस्पतिवार को भी कुछ अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी देखी गई। ऐसे में भर्ती मरीजों के परिजनों को दिनभर प्रशासन से अनुरोध करना पड़ा।
पश्चिम विहार के सहगल नियो अस्पताल के बाहर खड़े मनदीप भी अस्पताल में भर्ती अपनी मां के लिए चिंतित थे। वे ऑक्सीजन सिलिंडर देने आने वाली गाड़ी का इंतजार कर रहे थे। अस्पताल के डॉक्टर निरेन सहगल ने बताया कि अस्पताल में कुल 75 मरीज ऐसे हैं जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत है। पिछले दो दिनों से ऑक्सीजन को लेकर काफी दिक्कत हो रही है।
उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार दोपहर कुछ सिलिंडर आए थे और कहा था कि शाम को बचे हुए सिलिंडर भेजेंगे। उन्होंने 9 बजे बताया कि अब उनके पास मुश्किल से डेढ़ घंटे की ऑक्सीजन की आपूर्ति बची है। अभी तक भी उन्हें कहीं से पता नहीं चल पाया है कि हमारी ऑक्सीजन कब तक हमारे पास पहुंचेगी। डॉक्टर निरेन ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी की वजह से हमने नई भर्तियां बंद कर दी हैं। अगर स्थिति यही रही तो पुराने मरीजों को भी छुट्टी देनी होगी।
विमहंस अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन खत्म हुई
दक्षिणी दिल्ली स्थित विमहंस अस्पताल में भी बृहस्पतिवार को ऑक्सीजन की दिक्कत रही। मरीजों के परिजन भी दिनभर अस्पताल के गलियारों में फोन पर ऑक्सीजन की अपडेट लेते रहे।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि दोपहर तक उन्हें आपूर्ति मिलनी थी जो नहीं मिली। 212 मरीजों का यहां इलाज चल रहा है। इनमें से अधिकतर मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। कुछ तो ऐसे हैं जिन्हें बहुत अधिक ऑक्सीजन की जरूरत है। अस्पताल प्रशासन ने दोपहर को बताया कि वे सुबह से ही ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा है।