मध्य दिल्ली के पटेल नगर इलाके में लूटपाट का विरोध करने पर एक युवक की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। मृतक की शिनाख्त मनोज (42) के रूप में हुई। वारदात के समय मनोज काम पर से घर लौट रहा था। इस बीच वेस्ट पटेल नगर में तीन लड़कों ने उससे लूटपाट का प्रयास किया। विरोध करने पर एक युवक ने उसके पेट में चाकू घोंप दिया। वारदात के बाद आरोपी पीड़ित का मोबाइल, पर्स और अंगूठी लेकर फरार हो गए।
सीसीटीवी में मनोज खुद कुछ दूर बदमाशों के पीछे भागता हुआ दिखता है, उसके बाद वह एक आरटीवी के बाद जाकर अचेत हो गया। मामले की सूचना परिजनों को मिली तो वह उसे नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां से उसे आरएमएल ले जाया गया। वहां मनोज को मृत घोषित कर दिया गया। सीसीटीवी कैमरे में फरार होते हुए बदमाश कैद हुए हैं। पटेल नगर थाना पुलिस उसके आधार पर बदमाशों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
पुलिस के मुताबिक मनोज परिवार के साथ बाबा फरीदपुरी, वेस्ट पटेल नगर में रहता था। इसके परिवार में पत्नी सीमा के अलावा 14 साल का बेटा देव और छह साल की बेटी टिवंक्ल है। मनोज पास के बलजीत नगर इलाके में एक बिजली की दुकान पर नौकरी करता था। शनिवार रात करीब 8.00 बजे वह दुकान से घर के लिए पैदल ही निकला। रास्ते में वह पत्नी सीमा से बातचीत कर तैयार रहने के लिए कहा था।
इस बीच वेस्ट पटेल नगर में ही तीन लड़कों ने रोककर मनोज से लूटपाट का प्रयास किया। एक युवक ने चाकू लिया हुआ था। मनोज ने विरोध किया तो आरोपी ने उसके पेट में चाकू मार दिया। बाद में बदमाशों ने जबरन उसकी जेब से पर्स, मोबाइल लूटने के अलावा उसकी अंगूठी भी लूट ली। बदमाश भागने लगे तो कुछ दूर मनोज उनके पीछे भागा। लेकिन बाद में वह रुक गया और एक ई-रिक्शा के पास जाकर गिरकर अचेत हो गया।
किसी ने मनोज की दुकान पर उसके मालिक श्रवण को खबर दे दी। इसके बाद श्रवण ने मामले की खबर मनोज के भाई मुकेश को दी। परिवार मौके पर पहुंचा और ई-रिक्शा में डालकर उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे आरएमएल भेज दिया गया। वहां मनोज को मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने परिवार की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
करवाचौथ की करनी थी तैयारी, मनोज ले जा रही थी सीमा को बाजार
हर दिन मनोज दुकान से घर देर से लौटता था। रविवार को करवाचौथ के लिए सीमा ने मनोज से कुछ खरीदारी करने के लिए दबाव बनाया था। शुक्रवार को मनोज और दिनों के मुकाबले पहले ही दुकान से निकल गया। वह पत्नी को कॉल कर तैयार रहने के लिए कह रहा था। लेकिन उसी दौरान बदमाशों ने उस पर धावा बोल दिया। सीमा घर पर तैयार होकर पति का इंतजार करती रही, लेकिन मनोज तो नहीं आया, उसकी मौत की खबर घर पहुंची। मनोज की मौत के बाद से परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल है। घर में मनोज ही अकेला कमाने वाला था।
भाई मुकेश ने लगाए पुलिस पर लापरवाही के आरोप
मनोज के भाई मुकेश ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मुकेश का कहना है कि घटना के समय जब वह भाई को ई-रिक्शा में बिठा रहा था तो वहां से पुलिस की गाड़ी गुजर रही थी। मुकेश ने पुलिसकर्मियों से भाई को अस्पताल ले चलने के लिए कहा तो वह बहाना बनाकर चलते बने। लगातार मनोज के शरीर से खून बहता रहा और अधिक खून बह जाने के कारण उसकी मौत हो गई। भाई का आरोप था कि समय से इलाज मिलने पर शायद उसके भाई की जान बच जाती।