नई दिल्ली जिले की कनॉट प्लेस थाना पुलिस ने जंतर-मंतर पर एक समुदाय विशेष के खिलाफ भड़काऊ नारेबारी की वायरल हुई वीडियो मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। भड़काऊ भाषण मामले में ये सातवीं गिरफ्तारी है। इससे पहले वकील अश्विनी उपाध्याय समेत छह आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने फेसबुक और ट्विटर को नोटिस भेजकर नारेबाजी कर रहे लोगों व वीडियो को अपलोड करने वालों की विस्तृत जानकारी मांगी है।
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार कनॉट प्लेस थानाध्यक्ष आईके झा की देखरेख में इंस्पेक्टर शंकर लाल, राहुल सिंह और एसआई रामकेश की टीम ने आरोपी सुशील तिवार को गिरफ्तार किया है। आरोपी रूचिखंड-एक लखनऊ, यूपी का रहने वाला है और घटना वाले दिन किराए की कार से जंतर-मंतर पर आया था।
सुशील तिवारी की लखनऊ में ट्रेवल्स एजेंसी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी सुशील ने जंतर-मंतर पर न केवल एक समुदाय को लेकर भड़काऊ नारेबाजी की थी, बल्कि समुदाय विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक बातें भी कही थीं। पुलिस सुशील तिवारी से पूछताछ कर रही है कि उसे किसने जंतर-मंतर बुलाया था और नारेबाजी में कौन-कौन लोग शामिल थे।
दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर पर भड़काऊ नारेबाजी की वीडियो वायरल होने के मामले में छह आरोपी वकील अश्विनी उपाध्याय, प्रीत सिंह, विनोद शर्मा, दीपक सिंह, विनीत वाजपेई, और दीपक यादव को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। दिल्ली पुलिस ने पिंकी चौधरी और उत्तम सिंह को भी आरोपी बना रखा है। कनॉट प्लेस थानाध्यक्ष आईके झा की देखरेख में कई टीमें इनकी तलाश कर रही हैं।
गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर आठ अगस्त को प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ नारेबाजी हुई थी। इस नारेबाजी की वीडियो वायरल हो गई थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड पर आई थी। कनॉट प्लेस थाने में तैनात सिपाही की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था।