दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार पर आम आदमी पार्टी के नेताओं को फर्जी मुकदमों में फंसाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ केंद्र की जनविरोधी नीतियों के विरोध में जनता का गुस्सा बढ़ रहा है, वहीं आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। यही कारण है कि इससे केंद्र सरकार बौखला गई है और वह सीबीआई, ईडी और इनकम टैक्स रेड के बहाने आम आदमी पार्टी को डराना चाहती है। सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार किसी से नहीं डरेगी और अपना काम करती रहेगी।
शनिवार को एक प्रेस कांफ्रेंस करते हुए आप नेता सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार अपने ब्रह्मास्त्र राकेश अस्थाना को विशेष उद्देश्य से दिल्ली पुलिस कमिश्नर के रूप में लेकर आई है। उनके जरिए वह आम आदमी पार्टी के नेताओं को फर्जी मुकदमों में फंसाने का काम कर सकती है। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इस तरह के आरोप उस समय भी लगाए थे, जब केंद्र सरकार ने राकेश अस्थाना को दिल्ली पुलिस कमिश्नर का पदभार सौंपा था।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि अस्थाना को आम आदमी पार्टी के 15 नेताओं की एक लिस्ट सौंपी गई है और उन पर झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इसके पहले सीबीआई और ईडी के छापे उनके दर्जनों नेताओं के ऊपर पड़वा चुकी है, लेकिन उसे कुछ हासिल नहीं हुआ। अगर इस बार भी सरकार कोई कार्र्वाई करेगी तो उसे इस बार भी उलटा भुगतना पड़ेगा।
विक्टिम कार्ड खेलने की कोशिश- भाजपा
दिल्ली भाजपा नेता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि आम आदमी पार्टी जानती है कि डीटीसी बस घोटाले में उसके कई नेता फंसने जा रहे हैं। हजारों करोड़ के इस घोटाले में उसके कई नेताओं पर गंभीर आरोप हैं और इनमें से कई जेल भी जा सकते हैं। यही कारण है कि आम आदमी पार्टी ने पहले से ही विक्टिम कार्ड खेलना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल की कोई चाल इस बार काम नहीं आएगी और उनके घोटालेबाज नेताओं पर कानूनी कार्रवाई होनी तय है।