मध्य जिला की वाहन चोरी निरोधक शाखा ने तीन माह में डेढ़ सौ से अधिक वाहनों की चोरी करने वाले गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने दो वाहन चोर और एक खरीदार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से की कोडिंग टैब, नई ब्रांडेड कारों की नकली चाबियां और सात कारें बरामद की है। एक आरोपी बरेली यूपी में कम्प्यूटरीकृत चाबी बनाने की दुकान चलाता है।
जिला पुलिस उपायुक्त श्वेता चौहान ने बताया कि गिरफ्तार वाहन चोरों की पहचान गीता कालोनी निवासी हेमंत और बरेली यूपी निवासी बलवंत सिंह के रूप में हुई है। वहीं खरीदार की पहचान बदायूं यूपी निवासी प्रवेश कुमार के रूप में हुई है। जिले की वाहन चोरी निरोधक शाखा एसआई संदीप गोदारा के नेतृत्व में वाहन चोरी करने वाले बदमाशों पर निगरानी रख रही थी। पुलिस टीम वारदात वाली जगह से कब्जे में लिए गए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। फुटेज और डोजियर की जांच के बाद पुलिस को पता चला कि बदमाश गीता कालोनी इलाके में रहते हैं। तकनीकी जांच और कुछ दिनों तक गीता कालोनी और राजेंद्र नगर में डेरा डालने के बाद बदमाशों की पहचान कर ली।
27 अप्रैल की रात पुलिस ने एक आई20 कार का 120 किलोमीटर तक पीछा कर दो बदमाशों को दबोच लिया। उनके कब्जे से पुलिस ने राजौरी गार्डन से चुराई गई आई20 कार बरामद कर ली। दोनों बदमाशों की पहचान हेमंत और बलवंत के रूप में हुई। पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि पिछले तीन महीनों में दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न हिस्सों से लगभग डेढ़ सौ कारें चुराई हैं। वाहनों की चोरी करने के बाद इसे बदायूं निवासी प्रवेश कुमार को बेच देते थे।
बदमाशों ने बताया कि कार चोरी करने के लिए वह प्रोग्रामिंग टूल का इस्तेमाल करते थे। पुलिस उनके निशानदेही पर प्रवेश को बदायूं से गिरफ्तार कर लिया और उनके कब्जे से छह कारें बरामद कर ली। जांच के बाद पुलिस ने बताया हेमंत 2009 में हत्या के मामले में गिरफ्तार हुआ था। जेल में उसकी मुलाकात अन्य बदमाशों से हुई। जेल से छूटने के बाद उसने कारों को चुराना शुरू कर दिया। वहीं बलवंत सिंह कार की चाबी बनाने का काम करता है। परिवार की खराब आर्थिक स्थिति के कारण वह गलत संगत में आकर वाहन चोरी करने लगा। प्रवेश अमीर आदमी बनना चाहता था। इसलिए गलत संगत में आकर चोरी का वाहन खरीदने लगा।