नारकोटिक्स सेल ने उत्तर-भारत के मोस्ट वांटेड नशा तस्कर गांव बेहड़ा निवासी तैमूर खान उर्फ भोला (37) को बरेली के फरीदपुर में गिरफ्तार किया है। उस पर दिल्ली में एक लाख और यूपी में 50 हजार रुपये का इनाम रखा गया था। कुछ लोग उसे उत्तर भारत का ‘रॉबिन हुड’ भी कहते हैं। एमबीए छोड़कर नशा तस्करी के धंधे में उतरे तैमूर खान की यूपी और दिल्ली पुलिस को 9 मामलों में तलाश थी। चार मामलों में वह भगोड़ा घोषित है।
क्राइम ब्रांच नारकोटिक्स सेल के पुलिस उपायुक्त चिन्मय बिश्वाल ने बताया कि गिरफ्तार ड्रग तस्करों की छानबीन में पता चला था कि ज्यादातर मामलों में बरामद हेरोइन यूपी के बरेली, बदायूं और रामपुर से आ रही थी। कई तस्करों ने बरेली के कुख्यात तस्कर तैमूर खान उर्फ भोला का नाम लिया। दिल्ली और यूपी पुलिस ने हेरोइन तस्करी के इस साल 17 मामले दर्ज किए थे। इनमें हेरोइन का सोर्स बरेली, बदायूं, पीलीभीत, बुलंदशहर और गाजियाबाद पाया गया। तैमूर का नाम आने के बाद पुलिस ने कई बार उसके ठिकानों पर छापेमारी की। इससे पहले ही स्थानीय लोग उसे पुलिस की मौजूदगी की बात बता देते थे।
अपराध शाखा को 16 सितंबर को सूचना मिली कि तैमूर खान बरेली से दिल्ली के सीलमपुर आने वाला है। पुलिस ने जाल बिछाकर उसे सीलमपुर मेट्रो स्टेशन के पास से दबोच लिया। उसने भागने की कोशिश भी की थी। 21 अप्रैल को अपराध शाखा ने 700 ग्राम हेरोइन के साथ विनोद को गिरफ्तार किया था। उसने बताया था कि यह हेराइन उसने तैमूर से खरीदी थी। पूछताछ में तैमूर ने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2007 से हेरोइन तस्करी कर रहा है। पहले वह कोरियर का काम करता था। बाद में खुद ही हेरोइन तैयार कराने लगा। इसके बाद वह उत्तर भारत का बड़ा तस्कर बन गया। तैमूर ने बीए करने के बाद एमबीए में दाखिला लिया था, लेकिन पढ़ाई छोड़कर वह नशे का सौदागर बन गया।