रेलगाड़ियों में ड्राइवर व गार्ड (क्रू-चेंजिंग) के बदलाव में लगने वाले समय को कम करने की नीति का असर दिखने लगा है। मिशन शीघ्र के तहत ना केवल लंबी दूरी की रेलगाड़ी बल्कि मालगाड़ी के अवागमन पर भी दिख रहा है। इसका फायदा यह हुआ है मालगाड़ी भी तेजी से अपने गंतव्य स्थान पर पहुंच रही है। 95 फीसदी रेलगाड़ियां समय से अपने गंतव्य तक पहुंच रही हैं।
दिल्ली रेल मंडल ने मालगाड़ियों का दूसरा सर्वाधिक आदान-प्रदान (इंटरचेज) का रिकार्ड बनाया है। दिल्ली रेल मंडल ने 348 ट्रेनों का दूसरा सबसे बड़ा इंटरचेंज हासिल किया है। इसमें अंबाला मंडल के साथ 89 ट्रेनें, मुरादाबाद मंडल के साथ 49 ट्रेनें, कोटा के साथ 60 ट्रेनें, प्रयागराज के साथ 49 ट्रेनें, जयपुर के साथ 43 ट्रेनें, बीकानेर के साथ 30 ट्रेनें और आगरा के साथ 28 ट्रेन शामिल है।
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने बताया कि मालगाड़ियों की गति बढ़ाने के लिए ड्राइव शूरू किया गया है। यातायात निरीक्षक व लोको निरीक्षक के द्वारा निरंतर फुट प्लेट निरीक्षण मिशन शीघ्र के तहत क्रू चेंज 5 मिनट से कम समय में हासिल किया गया है। सभी रेल मंडल को क्रू-चेंजिंग लाइनों/प्वाइंटों के दोनों सिरों पर बैठने की व्यवस्था वाले पोर्टा केबिनों के निर्माण का निर्देश दिया गया है। इससे न्यूनतम संभावित समय में क्रू-चेंजिंग किया जा रहा है। क्रू-चेंजिंग के कारण होने वाले रेलगाड़ियों के विलंब को कम किया जा रहा है। इससे रेलगाड़ियों की समयपालनबद्धता को 95 प्रतिशत तक बनी हुई है। उन्होंने बताया कि खाद्यान्नों एवं अन्य मदों के लदान में प्रत्येक गुजरते माह के साथ वृद्धि हुई है।
गंगल ने बताया कि माल लदान में 15:73 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे आय में 23.51 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी हुई है। रेलपथों पर संरक्षा, गतिसीमा में वृद्धि, मालभाड़ा के रवानगी पूर्व अवरोध और मालभाड़ा लदान पर बेहतर काम रेलवे कर्मी कर रहे है। रात्रिकालीन गश्त भी बढ़ाया गया है।