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उत्तर-भारत का टॉप मोस्ट गैंगस्टर गिरफ्तारी केस: इंडिया के अलावा दुबई व थाइलैंड में फिरौती वसूलता था काला राणा, दर्ज हैं 50 अधिक मामले

Tue, 08 Mar 2022 02:53 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलीजेंस (सीआई) एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी फिरौती वसूलने के लिए अमेरिका व इंग्लैंड के नंबरों को इस्तेमाल करता था।
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उत्तर-भारत का टॉप मोस्ट गैंगस्टर विरेंद्र प्रताप उर्फ काला राणा उर्फ टाइगर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर-भारत के टॉप मोस्ट गैंगस्टर विरेंद्र प्रताप उर्फ काला राणा उर्फ टाइगर (28) भारत के साथ-साथ दुबई व थाइलैंड में रंगदारी वसूलता था। वह ज्यादातर बुकीज व सट्टेबाजों से फिरौती की रकम मांगता था। करीब दो महीने पहले जनवरी में उसने थाइलैंड में बैठकर दुबई में बैठे बुकीज से पांच करोड़ की फिरौती मांगी थी। स्पेशल सेल इस बात की जांच कर रही है कि उसने बुकीज से कितनी रकम वसूली थी। आरोपी दुबई में बैठे भारतीय बुकीज, सट्टेबाज व व्यवसायी से रंगदारी वसूलता था। 

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स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलीजेंस (सीआई) एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी फिरौती वसूलने के लिए अमेरिका व इंग्लैंड के नंबरों को इस्तेमाल करता था। कनाडा में बैठा गिरोह का गैंगस्टर गोल्डी बरार अमेरिका व इंग्लैंड जाता रहता था। वह वहां से सिम खरीदता था। इसके बाद काला राणा अमेरिका व इंग्लैंड के नंबरों से व्हाट्सएप अपने मोबाइल में डाउनलोड कर लेता था। इसके बाद जो ओटीपी आता था उसे गोल्डी बरार काला राणा को दे देता था। इसके बाद काला राणा के मोबाइल पर व्हाट्सएप नंबर डाउनलोड हो जाता था। इस व्हाटसएप नंबर से वह भारत व दुबई समेत कई देशों में बैठे भारतीयों से रंगदारी वसूलता था। 

सीआई की गिरफ्त में मौजूद काला राणा ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह थाइलैंड में भारत के नंबर भी रखता था। वह भारत का नंबर रखकर दिल्ली व भारत की पुलिस को ये दिखाना चहाता था कि वह इंडिया में ही है। वह भारत में किसी से सिम खरीदवा लेता था। इस नंबर से वह ओटीपी लेकर अपने मोबाइल में व्हाट्सएप डाउनलोड कर लेता था। इसके बाद उस सिम को तोड़कर फेंक दिया था। आरोपी टाइगर ने पूछताछ में ये खुलासा किया है कि वह चाहे विदेशी नंबर या फिर भारत का हर नंबर को एक-दो महीने में बदल देता था। वह एक सिम को दो महीने से ज्यादा नहीं चलाता था। 
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काला राणा को बहादुरगढ़ में गोली लगी थी
काला राणा ने वर्ष 2018 में अजय उर्फ डंके की ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। अजय ने लारेंस बिश्रोई-काला जठेड़ी गिरोह के सदस्य अनिल छिप्पी के पिता की हत्या कर दी थी। अनिल के पिता की हत्या का बदला लेने के लिए उसकी हत्या की गई थी। इस गैंगवार में काला राणा को भी गोली लगी थी। स्पेशल सेल इस बात की जांच कर रही है कि गोली लगने के बाद टाइगर ने अपना कहां इलाज कराया था। किसने उसे शरण दी थी।  

आरोपी के खिलाफ 50 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं
काला राणा उर्फ टाइगर के खिलाफ 50 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, फिरौती, हत्या का प्रयास, लूट, धमकाने व आम्र्स एक्ट आदि के मामले दर्ज हैं। उसने थाइलैंड से आने से पहले अंबाला में दो लोगों की हत्या करवाई थी। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान व यूपी पुलिस इसकी तलाश कर रही थी। 

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