नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने कहा कि प्रधानमंत्री की उड़ानों से संबंधित जानकारी किसी को भी नहीं दी जा सकती। ऐसा करने से उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है। वायु सेना ने उक्त तर्क रखते हुए उच्च न्यायालय में केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें विशेष उड़ान रिटर्न (एसआरएफ-दो) के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिया गया था।
वायुसेना की याचिका में दावा किया गया है कि यह प्रधानमंत्री के सुरक्षा तंत्र के विवरण से संबंधित है, इस तरह मांगी गई जानकारी में प्रधानमंत्री के साथ उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए विदेशी दौरों पर विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) के कर्मियों के नाम शामिल हैं। यदि इसका खुलासा किया जाता है तो यह संभावित रूप से भारत की संप्रभुता और अखंडता, राज्य की सुरक्षा, सामरिक, आर्थिक हितों को प्रभावित कर सकता है।
केंद्र सरकार के वरिष्ठ वकील राहुल शर्मा और अधिवक्ता सी के भट्ट के माध्यम से दायर याचिका में सीआईसी के 8 जुलाई के आदेश को चुनौती दी गई है। याची रिटायर कमांडर लोकेश के बत्रा ने आरटीआई के जरिये अप्रैल 2013 के बाद से पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रत्येक विदेश यात्रा के संबंध में एसआरएफ-एक और एसआरएफ-दो की प्रमाणित प्रतियां मांगी थीं।