नए शैक्षणिक सत्र की शुरूआत से पहले कॉलेजों को रैगिंग रोकने के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देश
कॉलेजों में अनुशासनात्मक समिति, सतर्कता दल, एंटी रैगिंग कमेटी व सेल बनाने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में रैगिंग करना भारी पड़ सकता है। रैगिंग एक अपराध है, दोषी पाए जाने पर न केवल डिग्री रद्द हो सकती है, बल्कि कॉलेज से निलंबन व निष्कासन भी हो जाएगा।
डीयू ने छात्रों के बीच अनुशासन बनाए रखने और रैगिंग पर रोक लगाने के उद्देश्य से दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि रैगिंग, उत्पीड़न और किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीयू में नए शैक्षणिक सत्र की शुरूआत 28 जुलाई से होने जा रही है। इससे पहले विवि ने कॉलेजों, विभागों, संकायों और छात्रावासों में रैगिंग रोकने के लिए अनुशासन समिति, सतर्कता दल, एंटी रैगिंग कमेटी व सेल का गठन करने को कहा है। इनका काम परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, नए छात्रों का सुचारु प्रवेश, छात्र संगठनों की गतिविधियों की निगरानी तथा रैगिंग, हुड़दंग और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को रोकना होगा।
विश्वविद्यालय ने कॉलेज प्रशासन को निर्देश दिया है कि परिसर, छात्रावास, कैंटीन, कॉमन रूम, पार्किंग और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर नियमित निगरानी रखी जाए। आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा कर्मियों और विजिलेंस स्क्वॉड द्वारा औचक निरीक्षण भी किए जाएंगे। साथ ही छात्र-छात्राओं के लिए पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा और परिसर में प्रवेश केवल पहचान पत्र के सत्यापन के बाद ही दिया जाएगा। रैगिंग की शिकायतों के लिए कॉलेजों में सीलबंद शिकायत पेटियां लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही डीयू और दिल्ली पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से संचालित कंट्रोल रूम 24 घंटे कार्य करेगा। उत्तर परिसर स्थित संयुक्त कंट्रोल रूम का फोन नंबर 011-27667221 तथा दक्षिण परिसर का नंबर 011-24119832 जारी किया गया है। वहीं, केंद्र सरकार की चौबीस घंटे की एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन 1800-180-5522 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। विश्वविद्यालय ने सभी छात्रों और उनके अभिभावकों से ऑनलाइन एंटी-रैगिंग शपथ पत्र भरना अनिवार्य बताया है। साथ ही यूजीसी के एंटी रैगिंग एप और दिल्ली पुलिस के हिम्मत एप को डाउनलोड करने की भी सलाह दी गई है।