याची के अधिवक्ता पीके डे ने कहा कि नीतीश कटारा की मां नीलम कटारा और अजय कटारा, जो हत्या के मामले में गवाह थे, को खतरा देखते हुए 24 घंटे सुरक्षा प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए विशेष रूप से डीपी यादव के प्रभाव को देखते हुए न्याय के हित में याचिकाकर्ता और उनके परिवार के जीवन और स्वतंत्रता को देखते हुए उन्हें सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया जा सकता है।
ये था मामला
तीन अक्टूबर 2016 को सुप्रीम कोर्ट ने कटारा के अपहरण और हत्या में उनकी भूमिका के लिए विकास यादव और उनके चचेरे भाई विशाल को बिना किसी छूट के 25 साल की जेल की सजा सुनाई थी। एक अन्य सह-दोषी सुखदेव पहलवान को भी मामले में 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी।
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा विकास और विशाल यादव को दी गई उम्रकैद की सजा को बरकरार रखते हुए दोनों को बिना किसी छूट के 30 साल की सजा सुनाई थी। तीनों पर आरोप था कि उन्होंने 16 फरवरी 2002 को नितीश का अपरण कर उसकी हत्या कर शव को जला दिया था। उन्हें संदेह था कि कटारा का उनकी बहन भारती यादव से प्रेम संबंध है।