पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन इलाके में पुलिस हिरासत में लिए गए एक नाइजीरियाई नागरिक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस पर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक की पहचान क्रिश्चियन एजे प्रॉमिस के रूप में हुई है। हिरासत में हुई इस मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या समय पर चिकित्सीय सहायता दी गई, पूछताछ के दौरान क्या हुआ और उसकी तबीयत अचानक कैसे बिगड़ी? इन सवालों के जवाब अभी स्पष्ट नहीं हैं। पुलिस ने शव मोर्चरी में रखवा दिया है। मामले की सूचना राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, विदेश मंत्रालय को दे दी गई है।
घटना 29 मार्च की शाम की है, जब जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ऑपरेशन कवच के तहत राजौरी गार्डन के व्यस्त इलाकों में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने एक शख्स को मेट्रो स्टेशन की ओर से स्कूटी पर गलत दिशा में आते देखा। उसे रोकने की कोशिश की गई, लेकिन आरोप है कि उसने स्कूटी से पुलिस बाइक में टक्कर मार दी और गिरने के बाद मौके से भागने लगा।
पुलिसकर्मियों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसे पूछताछ के लिए टैगोर गार्डन स्थित स्पेशल स्टाफ कार्यालय ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान वह सहयोग नहीं कर रहा था और अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। आनन-फानन में उसे गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।