पितृत्व विवाद में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एनडी तिवारी द्वारा दायर दो याचिकाओं की सुनवाई से जस्टिस गीता मित्तल ने खुद को अलग कर लिया है।
एनडी तिवारी ने कोर्ट की बजाय बाहर बहस कराए जाने की मांग की थी, जिसे सिंगल जज ने खारिज कर दिया था। तिवारी ने याचिकाएं दायर कर इस आदेश को चुनौती दी है।
जस्टिस गीता मित्तल व जस्टिस दीपा शर्मा के समक्ष शुक्रवार को तिवारी की दो याचिकाओं पर सुनवाई होनी थी लेकिन जस्टिस गीता मित्तल ने मामले की सुनवाई से खुद को अलग करते हुए याचिकाओं को मुख्य न्यायमूर्ति के पास भेज दिया।
अपने आदेश में उन्होंने लिखा कि इस मामले की सुनवाई उन्होंने ही की थी, इसलिए संबंधित याचिकाओं को सुनवाई के लिए किसी अन्य खंडपीठ के पास भेजा जाए।
बता दें कि 18 सितंबर 2013 को सिंगल जज ने तिवारी की उस मांग को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने कोर्ट के बजाय नेहरू बाल भवन, यूपी सदन या नेहरू युवा केंद्र में बहस कराए जाने की मांग की थी।
सिंगल जज ने तिवारी को कोर्ट द्वारा नियुक्त लोकल कमिश्नर के समक्ष पेश होने को कहा था।
तिवारी ने लोकल कमिश्नर के समक्ष पेश होने के बजाय इस आदेश को डबल बेंच के समक्ष चुनौती देते हुए आठ सप्ताह की मोहलत मांगी थी, लेकिन अदालत ने इस मांग को भी खारिज कर दिया था।