उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति ने शुक्रवार को करोल बाग के ऐतिहासिक अजमल खान पार्क के परिसर में ‘वेस्ट टू आर्ट’ विषय पर पार्क बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह दक्षिणी निगम द्वारा सराय काले खां में बनाए गए ‘वेस्ट-टू-वंडर’ पार्क की तर्ज पर बनाया जाएगा। ‘वेस्ट टू वंडर’ पार्क में सात विश्व प्रसिद्ध स्मारकों की प्रतिकृतियां हैं, जिनमें ताजमहल और एफिल टॉवर शामिल हैं, जो कि यांत्रिक कचरे से बने हैं।
उत्तरी निगम का अजमल खान पार्क नौ से दस एकड़ में फैला हुआ है। जहां प्रस्ताव के अनुसार विश्व प्रसिद्ध विरासत स्थलों के 13 मूर्तिकला मॉडल स्थापित किए जाएंगे, जिनमें गीजा के पिरामिड़, चीन की दीवार, सिडनी का ओपेरा हाउस, बार्सिलोना के सागरदा फमिलिया और यूनाइटेड किंगडम के स्टोनहेंज स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा कंबोडिया में अंगकोर वाट, मैक्सिको के चिचेन इट्जा, अबू धाबी की मस्जिद, लंदन ब्रिज, अमेरिका में माउंट रशमोर और जॉर्डन में पेट्रा सहित 12 कलाकृतियां बाद में बनाई जाएंगी। प्रस्ताव के मुताबिक इस परियोजना की अनुमानित लागत 27.14 करोड़ रुपये लगाई गई है।
इसी अवधारणा के साथ पंजाबी बाग में दक्षिणी निगम द्वारा ‘भारत दर्शन पार्क’ बनाया गया है। यहां पर विक्टोरिया मेमोरियल हॉल और मैसूर पैलेस सहित 21 भारतीय स्मारकों की प्रतिकृतियां स्थापित हैं। भारत दर्शन पार्क को करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से कबाड़ और बेकार सामग्री से बनाया गया था।
दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने फरवरी 2020 में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि ‘वेस्ट टू वंडर पार्क’ ‘कचरे से कंचन’ की अवधारणा का एक चमकदार उदाहरण है और दक्षिणी निगम को ऐसे और पार्क विकसित करने चाहिए।
स्ट्रीट वेंडर अब ऑनलाइन कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन
स्ट्रीट वेंडर अब खुद ऑनलाइन अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। दिल्ली में स्ट्रीट वेंडरों का सर्वे करने के लिए नियुक्त नोडल एजेंसी दक्षिणी निगम ने पोर्टल विकसित किया है, जिसका शुक्रवार को शुभारंभ किया गया। स्ट्रीट वेंडरों को पंजीकरण के लिए दक्षिणी निगम की वेबसाइट http://mcdonline.nic.in/stvendor पर लॉग इन करना होगा। इसके बाद आवेदक को अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज कराना होगा, जिसके उपरांत एक ओटीपी आएगा।
फिर डेस बोर्ड में से स्ट्रीट वेंडर की साइट को चुनना होगा। उस पर क्लिक करते ही आवेदक के लिये पंजीकरण फॉर्म खुल जाएगा। यह जानकारी संबंधित जोन के सहायक आयुक्त और सूचीबद्ध एजेंसी की आईडी पर दर्ज हो जाएगी और जानकारी प्राप्त होने के बाद सूचीबद्ध एजेंसी सर्वे कराएगी और संबंधित टाउन वेंडिंग कमेटी को सर्वे रिपोर्ट भेजेगी।
टाउन वेंडिंग कमेटी पात्रता की सभी शर्तों के पूरा होने पर नियमों के आधार पर वेंडिंग प्रमाणपत्र जारी करने की संस्तुति करेगी। टाउन वेंडिंग कमेटी की संस्तुति के पश्चात क्षेत्रीय सहायक आयुक्त वेंडिंग प्रमाणपत्र जारी करेंगे। सभी आवेदनकर्ता पोर्टल पर अपनी पंजीकरण संख्या दाखिल करके अपने सर्वे की स्थिति देख सकेंगे।