देशभर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए रविवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा(नीट) का आयोजन हुआ। परीक्षा देने के बाद केंद्रों से बाहर निकले छात्र-छात्राओं ने फिजिक्स के प्रश्नों को उलझाने वाला और लंबा बताया। वहीं, कैमेस्ट्री और बायोलॉजी के प्रश्नों को आसान बता अधिक अंक प्राप्त करने की उम्मीद जताई है।
परीक्षा केंद्रों पर दोपहर 12 बजे से पहले ही अभ्यर्थियों की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। अमूमन सभी अभिभावकों के साथ परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे थे। ऐसे में परीक्षा देने से पहले जहां अभिभावकों ने बच्चों की सफलता के लिए दुआ की वहीं, अभ्यर्थियों के चेहरे पर हल्की घबराहट व चिंता देखने को मिली। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले अभ्यर्थी अभिभावकों के पैर छूकर आशीर्वाद लेकर पहुंचे।
वहीं, परीक्षा देने के बाद केंद्र से बाहर निकले बच्चों को अभिभावकों ने गले लगा उनके सफल उनकी कामना की। द्वारका से नई दिल्ली इलाके में परीक्षा देने के लिए पहुंची तन्वी ने बताया कि फिजिक्स के प्रश्नों ने काफी देर तक उलझाए रखा। लंबे प्रश्न होने के कारण इस विषय के प्रश्नों को हल करने में अधिक समय की भी खपत हुई है। वहीं, केमेस्ट्री और बॉयोलॉजी के प्रश्नों ने दिल खुश किया है। करोलबाग से पहुंचे आदिल ने कहा कि केमेस्ट्री के प्रश्न छोटे व आसान थे, लेकिन फिजिक्स के प्रश्नों को लंबा और मुश्किल बनाया गया था। इस वजह से इस विषय के प्रश्नों को सबसे आखिर में हल किया।
परीक्षा से अभ्यर्थियों के चेहरे पर दिखा तनाव व चिंता
गोल मार्केट इलाके में परीक्षा केंद्र पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों के चेहरे पर चिंता व तनाव का माहौल नजर आया। नरेला से पहुंची दिव्या ने कहा कि कोरोना की वजह से उन्होंने घर में ही रहकर परीक्षा की तैयारी की है। ऐसे में सभी कुछ विषयों के सवालों को लेकर चिंता है। बॉयोलॉजी के लेकर तैयारी बेहतर होने के कारण कुछ उम्मीद बनी हुई है। वहीं, नांगलोई से पहुंचे विशाल पाण्डेय ने कहा कि फिजिक्स को लेकर चिंता है। इस विषय में जितनी भी तैयारी कर ली जाए उतनी कम है। वहीं, पिछले वर्षों के मुकाबले प्रतियोगिता भी कड़ी है।
छात्र-छात्राओं ने कहा...
एमबीबीबीएस में दाखिला लेने के बाद डॉक्टर बनने का इरादा है। परीक्षा में फिजिक्स के प्रश्नों ने काफी उलझाया है। इन प्रश्नों को हल करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ी। हालांकि, बॉयोलॉजी के प्रश्न काफी आसान रहे और इस विषय में बेहतर अंक आने की उम्मीद है।
-आशीष, उत्तमनगर
कैमेस्ट्री के प्रश्न सबसे आसान थे। इन प्रश्नों का हल करने में अधिक समय नहीं लग रहा था। इसमें इनोर्गेनिक कैमेस्ट्री के प्रश्न और भी आसान लगे। उम्मीद है कि परीक्षा में बेहतर रैंक आ सकेगी।
-जतिन, नजफगढ़
फिजिक्स के प्रश्न अधिक लंबे थे। इस वजह से प्रश्नों को हल करने में अधिक समय लग गया। बाकी प्रश्नों को हल करने के लिए कम समय मिल सका। फिर भी परीक्षा में बेहतर रैंक की उम्मीद बनी हुई है।
-अंकिता, वसंत विहार
मुझे फिजिक्स, कैमेस्ट्री व बायोलॉजी के प्रश्नों को हल करने में कठिनाई नहीं लगी। कुछ प्रश्नों को मुश्किल बनाया गया था, जबकि कुछ प्रशन काफी आसान थे। बायोलॉजी के अधिकतकर प्रश्न एनसीईआरटी की किताबों से ही आए थे।
-आमरीन, कृष्णा नगर
परीक्षा के लिए लंबे समय से तैयारी की थी। कोरोना की वजह से पूरी तैयारी को ऑनलाइन ही रखा था। विषयों के लिए विशेषज्ञों से भी मदद ली थी। परीक्षा बेहतर हुई है, उम्मीद है कि एमबीबीएस में किसी प्रतिष्ठित कॉलेज में दाखिला मिल जाएगा।
-छवि, रोहिणी