नई दिल्ली। दिल्ली के मोतीनगर इलाके में नेशनल कांफ्रेंस के नेता त्रिलोचन सिंह वजीर (67) की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। उनका शव फ्लैट के बाथरूम में सड़ी-गली अवस्था में मिला। उनके साथ रहने वाला हरप्रीत व उसका दोस्त हरमीत दोनों फरार हैं। दिल्ली पुलिस अधिकारी दोनों आरोपियों पर नेशनल कांफ्रेंस के नेता की हत्या की आशंका जता रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में रखवा दिया गया है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा। उधर, मामले की संजीदगी को देखते हुए देर शाम जांच की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को दे दी गई।
पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त उर्विजा गोयल ने बताया कि जम्मू के रहने वाले नेशनल कांफ्रेंस के नेता त्रिलोचन सिंह वजीर 2 सितंबर को दिल्ली आए थे। उन्हें दिल्ली से कनाडा में रहने वाले अपने परिवार के पास जाना था। 2 सितंबर की शाम उनकी फ्लाइट थी। वह दिल्ली में अपने परिचित हरप्रीत के किराए के फ्लैट में रुके थे। 3 सितंबर को त्रिलोचन सिंह कनाडा नहीं पहुंचे तो परिवारवालों को चिंता हुई। उन्हें जानकारी थी कि वह दिल्ली में हरप्रीत सिंह के पास हैं।
पुलिस के मुताबिक, कनाडा से त्रिलोचन के परिजनों ने हरप्रीत सिंह को फोन किया। हरप्रीत ने बताया कि त्रिलोचन सिंह का फोन दिल्ली में ही छूट गया है और उन्हें फ्रैंकफर्ट में 72 घंटे के लिए क्वारंटीन किया गया है। उसके बाद भी जब त्रिलोचन अपने परिजनों के पास नहीं पहुंचे तो उन्होंने एक बार फिर हरप्रीत सिंह से संपर्क किया, लेकिन उसका फोन बंद था। इसके बाद परिवार वालों ने जम्मू पुलिस को सूचना दी। जम्मू पुलिस ने बृहस्पतिवार को दिल्ली पुलिस से संपर्क किया और हरप्रीत के फ्लैट का पता दिया। इसके बाद दिल्ली पुलिस की टीम मोतीनगर के बसई दारापुर स्थित फ्लैट में पहुंची, लेकिन फ्लैट बाहर से बंद था। किसी तरह वह अंदर दाखिल हुई तो वहां बाथरूम में त्रिलोचन सिंह का शव पड़ा था। उनके सिर को प्लास्टिक थैले में लपेटा हुआ था।
पुलिस का कहना है कि शव सड़ी-गली अवस्था में था और कमरे का एसी चल रहा था। मौके पर आलाधिकारी पहुंचे और छानबीन शुरू की। एफएसएल की टीम ने मौका मुआयना कर सुबूत इकट्ठे किए। उसके बाद हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया। हत्या कैसे की गई है, इसका खुलासा पोस्टमार्टम के बाद होगा। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा और स्पेशल सेल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। साथ ही आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है।
हरप्रीत पर हत्या का शक
पुलिस को शक है कि फ्लैट के किराएदार जम्मू निवासी हरप्रीत सिंह ने हत्या की है। क्योंकि, उसने परिवार वालों को गलत जानकारी दी। हरप्रीत के साथ पुलिस को हरमीत नाम के शख्स पर भी संदेह है, जो दिल्ली का रहने वाला है। घटना के बाद से दोनों फरार हैं और दोनों के मोबाइल फोन बंद हैं।
न्यायिक अधिकारी परीक्षा की तैयारी कर रहा है हरप्रीत
जांच में पता चला कि हरप्रीत ने पांच-छह माह पहले फ्लैट किराए पर लिया था और न्यायिक अधिकारी की परीक्षा की तैयारी कर रहा है। पहले वह नई दिल्ली इलाके में रहता था। आसपास के कुछ लोगों को उसने खुद को पत्रकार बताया था और वह हल्ला बोल नाम के एक सोशल मीडिया प्लेटफार्म चला रहा है। उसका दोस्त हरमीत भी उसके साथ रहता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि रविवार को ट्रक और टेंपो से हरप्रीत को घर से फर्नीचर और अन्य सामान ले जाते देखा गया था। स्थानीय लोग उससे अच्छी तरह से परिचित नहीं थे। घर के सामने दुकान करने वाले प्रदीप ने बताया कि हरप्रीत उसकी दुकान से सामान लेता था। उसने उसे बताया कि उसकी पंजाब में तहसीलदार की नौकरी लग गई है। वह फ्लैट को खाली कर जा रहा है। उसने अपना सारा सामान बेच दिया है।
जम्मू के प्रमुख सिख नेता थे सिंह
त्रिलोचन सिंह वजीर जम्मू के प्रमुख सिख नेता थे। वह नेशनल कांफ्रेंस के पूर्व एमएलसी भी रह चुके थे। इसके साथ ही वह ऑल जम्मू एंड कश्मीर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन भी थे।
उमर अब्दुल्ला ने जताया शोक
नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता उमर अब्दुल्ला ने गहरा शोक प्रकट किया है। अब्दुल्ला के मुताबिक, अजीज सहयोगी त्रिलोचन सिंह की मौत से उन्हें सदमा लगा है। कुछ दिन पहले हम लोगों से जम्मू में मुलाकात की थी। उस वक्त पता नहीं था कि यह उनसे आखिरी मुलाकात है। वहीं, शिरोमणि अकाली दल (बादल) के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा का कहना है कि वह दोस्त से ज्यादा हमारे परामर्शदाता भी थे। उनकी मौत से बेहद दुख हुआ है।
त्रिलोचन सिंह वजीर (फाइल फोटो)- फोटो : Ashram