नई दिल्ली। नरेला क्षेत्र को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने द्वारका की तर्ज पर विकसित करने का निर्णय लिया है। उसने 2021-22 के वार्षिक बजट में एक बड़ा भाग नरेला उप-शहर के विकास के लिए रखा है। नरेला के सेक्टर जी-2 एवं जी-6 का कायाकल्प किया जाएगा। डीडीए ने 825 करोड़ रुपये की योजनाओं को स्वीकृत किया है।
डीडीए की अनुमान अनुमोदन समिति (ईएसी) ने नरेला क्षेत्र में 50 करोड़ लागत से लगभग 10 किलोमीटर की 20 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण, 27.5 करोड़ लागत से जलापूर्ति के लिए लाइन डालने, 117 करोड़ लागत से नाले-नालियों का निर्माण करने, 23 करोड़ रुपये की लागत से सीवर लाइन डालने और 14 करोड़ रुपये की लागत से चाहरदीवारी के निर्माण का निर्णय लिया है। नरेला में बिजली आपूर्ति बढ़ाने के लिए ग्रिड सब-स्टेशन के निर्माण पर 138 करोड़ रुपये व्यय होंगे। स्ट्रीट लाइट के लिए पांच व सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 17 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
डीडीए ने रिठाला-बवाना-नरेला कॉरिडोर के लिए मेट्रो के फेज-4 के निर्माण के लिए डीएमआरसी व भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के माध्यम से दिल्ली में अरबन एक्सटेंशन रोड (यूईआर) दो खंड के निर्माण को स्वीकृति दी है। इसके अलावा, डीडीए नरेला में विभिन्न आवासीय परियोजनाएं भी शुरू कर रहा है। इस वर्ष अप्रैल माह में नरेला में फ्लाईओवर एवं आरओबी का उद्घाटन किया गया था। इनके निर्माण के पीछे मंशा घनी आबादी वाले नरेला और बवाना के बीच सुगम संपर्क बनाने की थी। निकट भविष्य में यह क्षेत्र उत्तर-पश्चिम दिल्ली में आवासीय एवं औद्योगिक हब के रूप में उभरेंगे।