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मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण मामले के दोषी ने फैसले को दी चुनौती

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नई दिल्ली। मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण के मामले में दोषी ठहराए गए रवि कुमार रोशन ने अपनी सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दाखिल की है। उन्होंने अपनी अपील में कहा है कि साकेत कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराए जाने के समय साक्ष्य एवं सच्चाई पर ध्यान नहीं दिया। अदालत ने मीडिया व राजनीतिक दबाव में उसे दोषी ठहरा दिया है। ऐसे में ट्रायल कोर्ट के निर्णय को रद्द किया जाए।
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मामले में अधिवक्ता एपी सिंह के जरिये दायर अपील में कहा है कि उनके मुवक्किल के खिलाफ किसी भी लड़की ने कोई आरोप नहीं लगाया है। फिर भी निचली अदालत ने दबाव में आकर उन्हें दोषी ठहराया है, यह अन्याय है। उन्होंने कहा निचली अदालत का आदेश प्राकृतिक न्याय के खिलाफ है ऐसे में इसे न्यायिक हित में रद्द किया जाना जरूरी है।
इस मामले में दोषी ठहराए गए मुख्य अभियुक्त ब्रजेश ठाकुर एवं अन्य अभियुक्तों की अपील पर सुनवाई 18 फरवरी को तय है। ट्रायल कोर्ट ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह की 40 से अधिक नाबालिग लड़कियों से सरकारी अभिरक्षा में यौन, शारीरिक और मानसिक शोषण के आरोप में ब्रजेश ठाकुर व अन्य 18 लोगों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी।
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ब्रजेश ठाकुर व अन्य दोषियों ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अपील में कहा गया है कि निचली अदालत ने इस मामले की सुनवाई जल्दबाजी में की थी, जो संविधान के तहत निष्पक्ष मुकदमे के अधिकार का उल्लंघन था। अपील में तर्क रखा गया है कि कोर्ट ने यह नहीं देखा कि जिस व्यक्ति को दुष्कर्म जैसे मामले में सजा दी जा रही है वह इस कृत्य के लिए सक्षम भी है या नहीं।
सीबीआई ने दलील का विरोध करते हुए कहा कि ब्रजेश ठाकुर को जघन्य अपराधों के आरोप में दोषी ठहराया गया था। उसने नाबालिग लड़कियों का शारीरिक, सामाजिक और मानसिक रूप से यौन शोषण किया। सीबीआई ने हाईकोर्ट के समक्ष यह भी तर्क रखा के दोषियों ने मुजफ्फरपुर के बालिका गृह में प्राप्त सरकारी अनुदान का दुरुपयोग किया है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को बिहार से दिल्ली स्थानांतरित कर दिया था।
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