नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने भारतीय बाल कल्याण परिषद (आईसीसीडब्ल्यू) बहादुरी पुरस्कार विजेता को एमबीबीएस कोर्स, 2019 के लिए सीट आवंटित करने का निर्देश केंद्र सरकार को दिया है। यह सीट आरक्षण योजना के तहत राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार विजेता के लिए आरक्षित है। यह सीट भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्यालय ज्ञापन के 16 अगस्त, 2019 के अनुसार मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित एनसीबी मेडिकल कॉलेज में आरक्षित है।
न्यायमूर्ति आशा मेनन व न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने सिंगल जज के आदेश के खिलाफ केंद्र सरकार की अपील को खारिज करते हुए यह आदेश दिया। सिंगल जज ने पुरस्कार विजेता राम प्रकाश (बदला हुआ नाम) को सीट आवंटित करने का निर्देश दिया था।
केंद्र सरकार ने तर्क रखा कि उसने हालांकि सिंगल जज के आदेश पर पालन करने का प्रयास किया था लेकिन इस बात पर आपत्ति आई कि पुरस्कार विजेता आईसीसीडब्ल्यू, एक गैर-सरकारी संगठन द्वारा स्थापित राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार का विजेता था। सरकार ने कहा यह सीट अब मात्र प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के रूप में स्थानांतरित कर दी गई है और मात्र उस पुरस्कार से सम्मानित होने वाला ही इसका हकदार है।
खंडपीठ ने कहा केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए सवालों में यह मुद्दा नहीं था। अब किसी अन्य उम्मीदवार के हकदार होने या उसके लिए भर्ती होने की कोई संभावना नहीं है। अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि आईसीसीडब्ल्यू पुरस्कार विजेता को सीट आवंटित करे। खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि सिंगल जज को आधार बनाकर कोई भी अन्य व्यक्ति इस प्रकार का दावा नहीं कर सकता।