इस तरह से घटना को अंजाम देने वालों की जांच करने पर पुलिस को भलिंदर के बारे में जानकारी मिली। पुलिस ने उसके फेसबुक प्रोफाइल को खंगाला तो पता चला कि वह मोहाली पंजाब में रह रहा है। इसके बाद पुलिस टीम मोहाली पहुंची। लेकिन आरोपी वहां नहीं मिला। जांच में पता चला कि वह दस साल पहले यहां से जा चुका है। पुलिस ने उसके फेसबुक के दोस्त के माध्यम से उसके पिता का नंबर लिया और फिर भलिंदर का दोस्त बनकर उसके पिता से बात की और उसके बारे में जानकारी ली। साथ ही उसका मोबाइल नंबर ले लिया।
पूछताछ में पता चला कि वह टीम बंग्लो रोड अंधेरी वेस्ट मुंबई में जूते की दुकान करता है। पुलिस टीम तुरंत मुंबई पहुंची। दो दिनों तक भलिंदर ने दुकान नहीं खोला, लेकिन तीसरे दिन पुलिस ने उसे दुकान से गिरफ्तार कर लिया। भलिंदर के पिता उत्तराखंड के देहरादून में रहते हैं। वह आढ़ती हैं। वह आलू व प्याज की आपूर्ति करते हैं। भलिंदर अपने पिता के साथ कुछ दिनों तक काम किया। लेकिन उसकी लापरवाही से उसे घाटा होने लगा। इसके बाद वह मुंबई चला गया।
इसके बाद वह ठगी की वारदात को अंजाम देने लगा। पूछताछ में उसने बताया कि वह मनी एक्सचेंजर और ट्रैवल एजेंट को निशाना बनाता था, क्योंकि उसे पता था कि दोनों पुलिस से शिकायत नहीं करते हैं। ठगी करने के लिए वह यूट्यूब पर उस इलाके के प्रभावशाली व्यक्ति की वीडियो देखता था और फिर उनकी आवाज निकालकर पैसे की मांग करता था।