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Moose wala Murder : जेल से कत्ल का फरमान, फेसबुक पर कुबूलनामा, व्हाट्सएप पर वसूली

Wed, 08 Jun 2022 05:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा राजीव कुमार, नई दिल्ली

सार

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने जेल में रहते हुए देशभर में फैलाया नेटवर्क, स्पेशल सेल की पूछताछ में खुलासा। जानकर आश्चर्य होगा कि बगैर हत्या किए उसका नाम देश के बड़े गैंगस्टरों में शामिल हो गया है। पूछताछ में सामने आया कि 10 साल के अपने आपराधिक जीवन में लॉरेंस बिश्नोई ने खुद किसी की गोली मारकर हत्या नहीं की। उस पर जबरन वसूली और कई लोगों की हत्या की साजिश रचने के लगभग एक दर्जन मामले दर्ज हैं। 
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लॉरेंस बिश्नोई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। सूत्रों का कहना है कि बिश्नोई व्हाट्सएप के जरिए वसूली करता था और वहीं से अपने शूटरों को कत्ल का फरमान सुनाता था। बाहर मौजूद शूटर उसके एक इशारे पर हत्या कर देते थे। फेसबुक पर कुबूलनामा उसका पुराना ट्रेंड रहा है। इससे पहले भी सोशल मीडिया पर वह अपनी वारदात कुबूलता रहा है।

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जानकर आश्चर्य होगा कि बगैर हत्या किए उसका नाम देश के बड़े गैंगस्टरों में शामिल हो गया है। पूछताछ में सामने आया कि 10 साल के अपने आपराधिक जीवन में लॉरेंस बिश्नोई ने खुद किसी की गोली मारकर हत्या नहीं की। उस पर जबरन वसूली और कई लोगों की हत्या की साजिश रचने के लगभग एक दर्जन मामले दर्ज हैं। 

पुलिस के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि लॉरेंस बिश्नोई को 2021 में दिल्ली पुलिस ने मकोका और शस्त्र अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया था। इससे पहले उसे राजस्थान पुलिस ने पकड़ा था। वह तिहाड़ की जेल नंबर 8 में बंद था। उसके साथ गैंग के अन्य लोग भी बंद हैं। अब जब सिद्धू मूसेवाला की हत्या में लॉरेंस का नाम सामने आया तब स्पेशल सेल ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की। पिछले आठ दिन से स्पेशल सेल उससे पूछताछ कर रही है। 
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पुलिस सूत्रों का कहना है कि बिश्नोई ने जेल में रहते हुए अपने नेटवर्क को फैलाया है। जेल में वह हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश के गैंगस्टरों के संपर्क में आया और अपना नेटवर्क फैलाता चला गया। वह जेल में जब भी बंद रहा, गैंगस्टरों को जेल में सभी सामान मुहैया करवाने का वादा कर उनसे दोस्ती की। कभी-कभी गैंगस्टरों के लिए वकील भी मुहैया करवाया। 

आरोप यह भी है कि गैंगस्टरों की मदद के लिए उनके विरोधी गैंग के बदमाशों की जेल से बाहर हत्या भी करवाई। 2010 में पंजाब विश्वविद्यालय का चुनाव लड़ते हुए उसने विरोधी गुट पर गोली चला दी थी। उसका यह पहला मामला था। पुलिस के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में उसने बताया कि उसने किसी की भी हत्या नहीं की है। उसकी पुलिस हिरासत शुक्रवार को समाप्त हो रही है।


लारेंस बिश्नोई गैंग को हथियार सप्लाई करने वाले दो बदमाश दबोचे 
बाहरी उत्तरी जिला पुलिस ने गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई, हासिम बाबा और गोगी गैंग के बदमाशों को हथियार सप्लाई करने वाले दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। दोनों बदमाश भलस्वा डेयरी इलाके में एक बदमाश को हथियार सप्लाई करने आए थे। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने तीन पिस्टल और सात कारतूस बरामद किए हैं।

बदमाशों की पहचान मुरादनगर गाजियाबाद निवासी जीशान और इरशाद के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि वे अब तक किन बदमाशों को हथियार सप्लाई कर चुके हैं और इस गैंग का कोई बदमाश सिद्धू मूसेवाला की हत्या में तो शामिल नहीं है। 

पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोमवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई, हासिम बाबा और गोगी गैंग को हथियार सप्लाई करने वाला जीशान अपने साथी के साथ भलस्वा डेयरी इलाके में आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस ने एक टीम गठित कर इलाके के झंडा चौक पर घेराबंदी कर दी। रात करीब 1.40 बजे पुलिस ने एक स्कूटी पर सवार दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।

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