नगर निगम के वित्त वर्ष 2023-24 के बजट के लिए आम आदमी पार्टी और भाजपा चार-चार नए प्रस्ताव लेकर आई हैं। मंगलवार को मेयर ने पार्षदों को बजट की कॉपी उपलब्ध करवाई, लेकिन सदन को स्थगित कर दिया।
उन्होंने कहा कि सभी बजट को पढ़कर आएं बुधवार को दोपहर दो बजे बजट व नए प्रस्तावों पर चर्चा होगी। सदन में उपस्थित पार्षदों को ये बात समझ में ही नहीं आई कि आखिर खास बजट के लिए बुलाई गई सदन की बैठक को मेयर ने महज तीन मिनट के भीतर क्यों स्थगित कर दिया। इससे सैकड़ों लोगों का समय नष्ट हुआ।
आधे दिन के लिए बुलाई गई बैठक में मेयर सदन के अंदर दोपहर 2:14 बजे पहुंचीं। भाजपा के पार्षदों ने जयकारा शेरावाली दा, जय श्रीराम जैसे नारे लगाकर उनका स्वागत किया। आप पार्षदों ने भी जय सियाराम का नारा लगाया। इस बीच मेयर ने कहा कि बजट के लिए ये विशेष बैठक बुलाई गई है, इसलिए आशा है इसमें सभी सदस्य शांतिपूर्ण व्यवहार करेंगे। सभी सदस्यों को बजट की कॉपी दी गई है, वे इसे देख लें मगर 2:17 बजे मेयर ने सदन की कार्यवाही को स्थगित करने का निर्देश दे दिया।
इधर, एमसीडी की मजबूरी माने या राजनीतिक वजह निगम के नियमों को ताक पर रखकर बजट पास कराने की तैयारी है। बिना स्थायी समिति में चर्चा हुए नगर निगम अधिकारियों की ओर से बनाए गए बजट को सीधा सदन में लाया गया है।
बजट की बैठक मेयर की अनुभवहीनता की भेंट चढ़ी : भाजपा
भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि निगम की बजट बैठक आम आदमी पार्टी की अनुभवहीनता की भेंट चढ़ गई। तीन दिन पूर्व जब यह बैठक बुलाई गई थी तो भाजपा ने कहा था कि मात्र 72 घंटे के नोटिस पर बजट चर्चा के लिए बैठक बुलाना निगम कार्यप्रणाली के खिलाफ है।
महापौर की हठधर्मिता का नतीजा यह हुआ कि निगम सचिव कार्यालय ने कोई भी संशोधन प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया, सभी संशोधन प्रस्ताव ऑन टेबल आए जिन पर तुरंत चर्चा हो ही नहीं सकती थी और इसके परिणामस्वरूप बैठक कुछ ही देर में ही अगले दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी। बुधवार को फिर केवल आधे दिन की बजट बैठक बुलाकर अपनी अनुभवहीनता का एक और प्रमाण मेयर ने दिया है। बजट चर्चा के लिए कम से कम आठ घंटे की बैठक बुलाई जाए।
संपत्तिकर की दरें 7-20% तक बढ़ाने की तैयारी
बजट में संपत्ति कर की दरें बढ़ाने की तैयारी है। एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि दिल्लीवासियों का मिजाज जांचने के बाद ये निर्णय लिया गया है। संपत्तिकर की दरें बढ़ेंगी या नहीं ये बुधवार को साफ हो जाएगा, लेकिन लोगों के बीच ये संदेश जाना जरूरी है कि संपत्तिकर बढ़ाना समय की मांग है। कई साल से सत्ता में रही भाजपा ने संपत्ति कर नहीं बढ़ाया था।
सीएम के वादे पूरा करने वाला बजट
आप पार्षदों की माने तो केजरीवाल द्वारा चुनाव के दौरान लोगों से किए गए सभी वादों को बजट के माध्यम से पूरा किया जाएगा। ऐसे में उम्मीद है कि बुधवार को आने वाले बजट में सीएम के वादों से जुड़ी बातों को भी प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।