कोरोना मरीजों की तुलना में अस्पताल में भर्ती रोगियों की संख्या कम है लेकिन उससे पहले ही यहां के स्वास्थ्य कर्मचारी संक्रमण की चपेट में आने लगे हैं। अब तक 12 अलग अलग अस्पतालों में 465 से ज्यादा स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना संक्रमित हुए हैं जिनमें से अधिकांश घरों में क्वारंटीन हैं। इस पर दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह स्वास्थ्य कर्मचारी मरीजों के संपर्क में आने से संक्रमित नहीं हुए हैं। करीब 90 फीसदी कर्मचारी अस्पतालों से बाहर संक्रमित हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार पिछले एक सप्ताह में सबसे अधिक स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं। बुधवार तक सबसे अधिक एम्स में 55 डॉक्टर और 80 स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना संक्रमित हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या अस्पताल में कार्यरत सुरक्षा गार्ड और पैरामेडिकल के अलावा गैर चिकित्सीय सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों की है। इनके अलावा सफदरजंग अस्पताल में 52 डॉक्टर और 12 नर्स संक्रमित हैं।
इनके अलावा उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अधीन हिंदूराव मेडिकल कॉलेज में 12 डॉक्टर और 3 नर्स, रोहिणी स्थित अंबेडकर अस्पताल में पांच डॉक्टर तीन इंटर्न, दो नर्स, लोकनायक अस्पताल में 15 डॉक्टर व तीन नर्स कोरोना संक्रमित मिली हैं। इनके अलावा आरएमएल अस्पताल में 30 डॉक्टर समेत 65 स्वास्थ्यकर्मी और नई दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के दोनों ही अस्पतालों को मिलाकर 70 से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना संक्रमित हैं।
इसी तरह यमुनापार दिल्ली के बड़े अस्पतालों की बात करें तो जीटीबी अस्पताल में 35, डॉ. हेडगेवार अस्पताल में 12 और चाचा नेहरु बाल चिकित्सालय में आठ से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारी संक्रमित हैं। इन सभी अस्पतालों में संक्रमित स्वास्थ्य कर्मचारियों को होम क्वारंटीन किया गया है। अधिकांश में संक्रमण के लक्षण पाए जा रहे हैं।
दिल्ली एम्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लगातार कर्मचारियों के संक्रमित होने की वजह से शीतावकाश को रद्द करते हुए बाकी डॉक्टरों को ड्यूटी पर बुलाया गया है। इसके अलावा जिन लोगों में संक्रमण के लक्षण नहीं हैं उन्हें तत्काल वापस बुलाया जा रहा है। कर्मचारियों के संक्रमित होने की वजह से स्टाफ की कमी को लेकर समस्या आ रही है। इसे लेकर प्रबंधन विचार कर रहा है। जल्द ही कोई समाधान निकाला जाएगा।