छठ पूजा के लिए दिल्ली सरकार 800 घाटों का निर्माण करवा रही है। यहां पर टेंट, लाईट, पीने का पानी, साफ-सफाई, सुरक्षा समेत दूसरे कार्यक्रमों का आयोजन होगा। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि 2015 से पहले सिर्फ 80-90 घाटों पर छठ पूजा का आयोजन होता था। दिल्ली सरकार ने इसमें दस गुना ज्यादा की बढ़ोत्तरी की है।
सिसोदिया के मुताबिक, कोरोना कम हुआ है, खत्म नहीं हुआ है। इसलिए सभी श्रद्धालुओं से गुजारिश है कि पूजा के साथ कोरोना से जुड़े एहतियात का भी खास ख्याल रखें। छठ मइया सबका कल्याण करेंगी। मनीष सिसोदिया ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कोरोना के प्रतिबंधों के बावजूद केजरीवाल सरकार दिल्ली में पूरी धूमधाम और भव्यता के साथ छठ पर्व का आयोजन कर रही है।
2015 तक दिल्ली में छठ पर्व के लिए केवल 80-90 घाट तैयार किए जाते थे। जबकि केजरीवाल सरकार के सत्ता में आने के बाद इन घाटों की संख्या बढ़कर 800 के पार जा चुकी है। यह घाट किसी खास पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए नहीं, बल्कि दिल्ली की आम जनता के लिए है। सभी को हक है कि वह सरकार के सहयोग से समिति बनाकर छठ महापर्व का भव्य आयोजन कर सके।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार ने केवल घाट ही नहीं बनवाए, बल्कि वहां टेंट पंडाल लगवाना, सफाई की व्यवस्था करना, साफ पानी व सुरक्षा की व्यवस्था करना व सांस्कृतिक आयोजनों के लिए सहायता देने का काम भी किया है। उन्होंने कहा कि शायद ही देश के किसी और शहर में कोई सरकार छठ महापर्व का इतने बड़े स्तर पर आयोजन करवाती है और हमें इस पर गर्व है।
मुख्यमंत्री के निजी प्रयास से सार्वजनिक छठ पूजा के आयोजन की मिली थी अनुमति
मनीष सिसोदिया के मुताबिक, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की निजी कोशिशों से उपराज्यपाल ने सार्वजनिक छठ पूजा के आयोजन की अनुमति दी थी। मुख्यमंत्री ने 14 अक्तूबर को सार्वजनिक छठ पूजा के आयोजन की अनुमति देने की मांग को लेकर पत्र लिखा था। उन्होंने अपने पत्र में कहा था कि दिल्ली के लोग बड़ी ही आस्था के साथ हर साल छठ पूजा मनाते हैं। यह हमारी संस्कृति का हिस्सा है। छठ पूजा पर सूर्य देव और छठी मइया की पूजा करने से व्यक्ति को स्वास्थ्य, समृद्धि आदि सुखों का लाभ होता है। इसके बाद उपराज्पाल ने डीडीएमए की बैठक बुलाकर छठ महापर्व के सार्वजनिक आयोजन की अनुमति दी थी।