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दिल्ली: हेरोइन तस्करी का गिरोह चलाने वाला मणिपुर पुलिस का सिपाही गिरफ्तार, एक लाख रुपये का रखा था इनाम

Fri, 26 Nov 2021 10:13 PM IST
सुशील कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

गिरोह सरगना को पकड़ने के लिए इंस्पेक्टर कृष्ण कादियान की देखरेख में एसआई बिजेंद्र सिंह व एसआई परमिंदर कुमार की टीम का गठन किया गया और सरगना अली के ठिकाने का पता लगाने के लिए मणिपुर भेजा गया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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विस्तार
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मणिपुर पुलिस का निलंबित सिपाही हेरोइन तस्करी करने का गिरोह का चला रहा था। वह म्यांमार से हेरोइन मंगा कर मणिपुर होकर पूरे भारत में सप्लाई करवाता था। दिल्ली पुलिस ने इस सरगना मो. कासिम अली की गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम रखा हुआ था। कोर्ट ने आरोपी को भगोड़ा घोषित कर दिया था। इसके पास से हेरोइन की तस्करी में इस्तेमाल होने वाले दो मोबाइल फोन सिम कार्ड के साथ बरामद किए गए हैं।

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स्पेशल सेल डीसीपी राजीव रंजन सिंह 23 जुलाई को मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले मो. इकबाल खान और मो. इशक को गिरफ्तार किया था। इनके पास से 40 करोड़ रुपये की कीमत की 10 किलो हेरोइन बरामद की गई थी। इसके अलावा तीन मोबाइल फोन व आई-20 कार बरामद की गई थी। इन्होंने कार में हेरोइन को छिपाने के लिए विशेष जगह बना रखी थी। ये मणिपुर से हेरोइन लाकर दिल्ली व यूपी में सप्लाई करते थे।

इनसे पूछताछ में पता लगा कि गिरोह का सरगना मणिपुर पुलिस का निलंबित सिपाही मो. कासिम अली है। उस समय आरोपी को गिरफ्तार करने के प्रयास किए गए थे। कोर्ट ने आरोपी को भगोड़ा घोषित कर दिया था। दिल्ली पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम रख दिया था। गिरोह सरगना को पकड़ने के लिए इंस्पेक्टर कृष्ण कादियान की देखरेख में एसआई बिजेंद्र सिंह व एसआई परमिंदर कुमार की टीम का गठन किया गया और सरगना अली के ठिकाने का पता लगाने के लिए मणिपुर भेजा गया। इस टीम ने मणिपुर से गिरोह सरगना को पकड़ लिया। आरोपी ने 10 किलो हेरोइन पकड़े गए आरोपियों को देने की बात स्वीकार की।  
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निलंबित हो गया तो हेरोइन की तस्करी करने लगा
मोहम्मद कासिम अली मणिपुर पुलिस में कांस्टेबल (ड्राइवर) के पद पर था। जमीन को लेकर हुए पारिवारिक कलह में उसे हत्या के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद निलंबित कर दिया गया है। निलंबित होने के कारण पैसे की कमी होने लगी। पुलिस विभाग और जेल में नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों से मिला। अपनी आर्थिक समस्याओं को दूर करने के लिए उसने ड्रग्स की तस्करी भी शुरू कर दी थी। 

उसने मोहम्मद इशाक और उसके भतीजे को मणिपुर से पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश पश्चिम में हेरोइन तस्करी के लिए शामिल कर लिया। उन्हें हेरोइन की एक खेप ले जाने के लिए ये एक लाख रुपये देता था। उसने कार में हेरोइन को छिपाने के लिए गुप्त जगह बना रखी थी। पुलिस में होने के कारण उसे पता था कि हेरोइन को कार में कैसे छिपाया जाता है।

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