न्यायाधीश नजमी वजीरी ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), वन विभाग, बीएसईएस आरपीएल और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों सहित दूसरे विभागों को नोटिस जारी किया है।
हाईकोर्ट ने अधिकारियों से जवाब मांगा है कि पेड़ों की सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेवारी की अवहेलना पर अवमानना की कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जाए। पेड़ों को हो रहे नुकसान को माफ नहीं किया जा सकता।
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न्यायाधीश नजमी वजीरी ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), वन विभाग, बीएसईएस आरपीएल और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों सहित दूसरे विभागों को नोटिस जारी किया है। इस मामले की 14 मार्च को अगली सुनवाई पर सभी की उपस्थित की मांग करते हुए कहा कि न्यायिक आदेशों के बावजूद कुछ अधिकारी और एजेंसियां अनुपालन के प्रति पर गंभीर नहीं दिखती हैं।
न्यायाधीश ने इस बात पर जोर दिया कि पेड़ों या पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के मामले को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। नागरिकों को कानून के अनुसार अपने पड़ोस को बनाए रखने के लिए देखभाल करने का अधिकार है। अदालत ने एक चितरंजन पार्क फुटपाथ की कई तस्वीरें रिकॉर्ड में लिया है, जहां सिविल कार्यों की वजह से खुदाई की गई थी। पेड़ के तने से खुदाई वाले स्थान की दूरी एक मीटर से भी कम हैं और पेड़ की जड़ें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसे अदालत और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों का आदेश का प्रथम दृष्टया अदालत की अवमानना करार दिया है।