एम्स की तरह अब दिल्ली के दूसरे अस्पतालों का भी विस्तार हो रहा है। जिस तरह एम्स में अलग-अलग सेवाओं को लेकर ब्लॉक बनाए गए हैं, उसी तरह अन्य अस्पतालों में भी जल्द ही यह व्यवस्था देखने को मिलेगी।
इससे अस्पतालों में मरीजों की भीड़ कम होगी और सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं लेना हर किसी के लिए आसान हो जाएगा। इस साल के अंत तक दिल्ली के सात बड़े अस्पतालों में यह बदलाव हो सकता है। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राजधानी के सभी बड़े अस्पतालों में इन दिनों विस्तार प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।
लोकनायक, जीटीबी, चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय में नए ब्लॉक का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिसे पूरा होने में करीब छह से सात महीने का वक्त अभी और लगेगा। एक अधिकारी ने लोकनायक अस्पताल का उदाहरण देते हुए बताया कि एक मरीज जब अस्पताल पहुंचता है तो वह ओपीडी या फिर आपातकालीन वार्ड में सबसे पहले पहुंचता है। इसके बाद आगे का उपचार शुरू होने पर वह जांच आदि के लिए इधर-उधर जाता है।
चूंकि, हर दिन यहां हजारों मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं, ऐसे में जरूरी है कि स्वास्थ्य सेवाओं के हिसाब से अलग-अलग ब्लॉक बनें और उसी ब्लॉक में उक्त विभाग से जुड़ी सभी प्रक्रिया जैसे जांच, रिपोर्ट, इलाज, ओपीडी पंजीयन, वार्ड में भर्ती जैसी सेवाएं मिलनी चाहिए, ताकि रोगी या फिर तीमारदारों को भटकना न पड़े। हाल ही में एम्स ने सर्जरी ब्लॉक शुरू किया है।
बहुमंजिला इमारत में शुरू हुए इस ब्लॉक में सर्जरी से जुड़े मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। इसी तर्ज पर दिल्ली सरकार अपने बड़े अस्पतालों में सुविधा विकसित कर रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिन अस्पतालों में नए ब्लॉक का निर्माण किया जा रहा है उनमें कम बजट के साथ मजबूत ढांचा तैयार हो रहा है।
कहां क्या हो रहा है...
- जीटीबी में खाली जमीन पर छह एकड़ में बन रहे नए ब्लॉक।
- रघुबीर नगर, सुल्तानपुरी, शालीमार बाग, किराड़ी और सरिता विहार में बन रहे नए अस्पताल, इसी साल होंगे शुरू।
- सभी नए अस्पतालों में लगेगा ऑक्सीजन संयंत्र, हर बेड पर होगा निगरानी कैमरा।
- छह हजार से अधिक बिस्तर होंगे उपलब्ध, मरीजों को मिलेगा लाभ।