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दिल्ली में रामराज कायम करेगी केजरीवाल सरकार

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दिल्ली विधानसभा में बजट सत्र के दौरान संबोधित करते मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल। - फोटो : Ashram
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नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में देशभक्ति बजट पेश करने के बाद अब दिल्ली सरकार का लक्ष्य राजधानी में रामराज लाने का है। सदन में बुधवार को उपराज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसके लिए 10 सिद्धांत गिनाए, जिनके सहारे उनकी सरकार इस संकल्पना को हकीकत बनाएगी। यही नहीं, राममंदिर बनने के बाद मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा के तहत दिल्ली के बुजुर्गों को अयोध्या भ्रमण कराया जाएगा। केजरीवाल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत भाजपा व कांग्रेस सरकार को कटघरे में खड़ा किया। धन्यवाद प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित हो गया।
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केजरीवाल ने धन्यवाद प्रस्ताव से सहमति जाहिर करते हुए कहा कि उनकी सरकार प्रभु श्रीराम से प्रेरणा लेकर दिल्ली में रामराज्य की अवधारणा को लागू करने का प्रयास कर रही है। केजरीवाल के मुताबिक, कहते हैं कि उनके शासनकाल में सब कुछ बहुत अच्छा था। सब लोग सुखी थे, किसी को किसी प्रकार का दुख नहीं था, हर तरह की सुविधा थी, उसे रामराज कहा गया। इससे प्रेरणा लेकर दिल्ली में पूरी साफ-सुथरी नियत से लागू करने के लिए पिछले 6 साल से उनकी सरकार कोशिश कर रही है।
ये हैं 10 सिद्घांत
दिल्ली सरकार ने 10 प्रमुख सिद्धांत बनाए हैं। इसमें सबको भोजन, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, मकान, महिलाओं व बुजुर्गों का सम्मान के साथ सबको बराबर का हक दिलाना है।
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बुजुर्गों को कराएंगे अयोध्या मंदिर के दर्शन
केजरीवाल ने अपनी डोर स्टेप डिलीवरी फॉर राशन, सस्ती बिजली, फ्री पानी, सरकारी अस्पतालों में इलाज, फ्री बस यात्रा, महिला सुरक्षा व मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना जैसी दूसरी कई योजनाओं को भी गिनाया। इनके सहारे दिल्ली में रामराज्य कायम किया जाएगा। सीएम ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम का भव्य मंदिर बन रहा है। इसके बनने के बाद उनकी सरकार दिल्ली के सभी बुजुर्गों को एक बार फ्री में अयोध्या मंदिर के दर्शन कराएगी। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के दायरे में दिल्ली-अयोध्या रूट को भी शामिल किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पर हमला
केजरीवाल ने कहा कि बीते दिनों उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक स्कूल का निरीक्षण करने गए थे और बच्चों से बात करने की कोशिश की, लेकिन वह कक्षा बनावटी लग रहा था। उसमें सिर्फ 12 कुर्सियां थी और कोई डेस्क नहीं थी। केजरीवाल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि देश में अब सरकारों को और मुख्यमंत्रियों को स्कूलों में जाना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल किया कि योगी आदित्यनाथ स्कूल में क्यों गए थे? इसके पीछे एक भूमिका है। इससे कुछ दिन पहले उनके कुछ अहंकारी मंत्रियों और उनके उपमुख्यमंत्री ने चुनौती दी थी कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया उत्तर प्रदेश आएं और शिक्षा के ऊपर उनसे वाद-विवाद करें, लेकिन लखनऊ पहुंचने पर सिसोदिया को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार की किरकिरी हुई। इसके बाद मजबूरन उन्हें स्कूल जाना पड़ा।
भाजपा-कांग्रेस ने रची अशिक्षित रखने की साजिश, आप की शिक्षा क्रांति ने हिलाई जड़ें
केजरीवाल ने कहा कि बीते 70 सालों में भाजपा व कांग्रेस ने मिलकर जानबूझकर षड्यंत्र के तहत देश की शिक्षा व्यवस्था को बदहाली में रखा। जानबूझकर इस देश के लोगों को गरीब रखा, ताकि इन राजनीतिक दलों को जब भी राजनीतिक रैलियां करनी हो तो उन्हें भाड़े के लोग मिल सकें। अपना वोट बैंक मिल सके और इनसे सवाल पूछने वाला कोई नहीं हो। पिछले 6 साल की दिल्ली की शिक्षा क्रांति ने दोनों पार्टियों की जड़ें हिला दी हैं। इस वजह से पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीरो सीट आई और अब जो उपचुनाव हुए हैं उसमें भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया। यदि लोगों को पढ़ा दिया तो पूरे देश के अंदर इन दोनों पार्टियों का यही हाल होगा।
कोरोना महामारी पर मोदी और शाह की तारीफ
केजरीवाल ने कहा कि कोरोना महामारी के कठिन दौर में दिल्ली सरकार और दिल्ली के लोगों, सभी संस्थाओं और सरकारों, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री और केंद्र सरकार ने सहयोग किया। भाजपा विधायकों ने भी बहुत सहयोग किया। इतनी बड़ी महामारी को कोई एक सरकार या एक आदमी ठीक नहीं कर सकता। इसमें सबसे ज्यादा काम डॉक्टरों ने किया। इस सहयोग के लिए सभी को उन्होंने धन्यवाद दिया। साथ ही प्लाज्मा थेरेपी, होम आईसोलेशन सरीखी दिल्ली सरकार की योजनाओं की तारीफ की। केजरीवाल ने कहा कि सभी मंत्री और विधायक अस्पताल जाकर वैक्सीन लगवाएं और सोशल मीडिया पर प्रचार करें, ताकि लोगों के मन से भ्रांतियां खत्म हों और वे वैक्सीन के लिए आगे आएं।
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