केजरीवाल सरकार कश्मीरी गेट अंतरराज्यीय बस टर्मिनल को विश्वस्तरीय ट्रांजिट हब के रूप में विकसित करेगी। इसको लेकर परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने मंगलवार को कश्मीरी गेट, आईएसबीटी का निरीक्षण किया। इस मौके पर मंत्री ने मुख्य प्रवेश द्वार के नजदीक इंट्रा सिटी(दिल्ली के अंदर चलने वाली बसें) सरकारी बसों तक सीधे पहुंच की सुविधा के लिए चल रही सुधार योजना की भी समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए मौजूदा ट्रांजिट हब को नए सिरे से विकसित किया जाएगा। ताकि भीड़भाड़ कम हो। परिवहन विभाग की ओर से प्रस्तावित नई योजना के तहत कश्मीरी गेट, आईएसबीटी में डीटीसी और क्लस्टर बसों में सवार होने और उतरने में सुविधा होगी। यात्री इमारत में प्रवेश किए बगैर सीधे आईएसबीटी तक पहुंच सकेंगे।
गहलोत ने कहा कि मुझे विश्वास है कि हम आईएसबीटी के अंदर और बाहर किए जा रहे सुधार से दिल्ली में एक विश्व स्तरीय ट्रांजिट हब स्थापित करेंगे। फिलहाल डीटीसी और क्लस्टर बसें यात्रियों को मोरी गेट पर करीब 400-500 मीटर की दूरी पर स्थित स्टॉप पर उतार देती हैं।
डीटीसी, क्लस्टर और अंतरराज्यीय इंटर सिटी बसें जीटी करनाल रोड के किनारे से प्रवेश करती हैं। इससे मुख्य सड़क पर भीड़भाड़ की स्थिति रहती है। बस-वे के शुरू होने से आईएसबीटी के आसपास की सड़कों पर भीड़भाड़ कम हो जाएगी। बस- वे और आईएसबीटी से भी यात्रियों के लिए आवागमन और सुलभ हो जाएगा।
बस-वे बस टर्मिनल के मुख्य प्रवेश द्वार के पीछे है और यह कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 8 तक सीधा पहुंचेगा। इससे मेट्रो यात्रियों को भी कश्मीरी गेट आईएसबीटी या इंट्रा सिटी बस-वे पर पहुंचने में आसानी होगी। इससे वायलेट लाइन मेट्रो में सफर करने वाले यात्री गेट नंबर 8 से निकलने के बाद सीधे आईएसबीटी में प्रवेश कर सकेंगे। साथ ही दिल्ली में कहीं भी आने जाने के लिए दूसरे परिवहन साधनों का उपयोग कर सकेंगे।