जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय,नई दिल्ली
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर अगले हफ्ते से पीएचडी, एमटेक के रिसर्च और लैब वाले छात्रों के लिए खुलने जा रहा है। परिसर को चरणबद्ध तरीके से सितंबर में 50 फीसदी छात्रों की क्षमता के साथ खोला जाएगा। हालांकि, आम छात्रों के लिए कक्षाओं से लेकर परीक्षाएं दिसंबर तक ऑनलाइन ही होगी।
जेएनयू परिसर पिछले साल अक्तूबर में चरणबद्ध तरीके से रिसर्च, लैब आदि से जुड़े पीएचडी, एमटेक आदि प्रोग्रामों के छात्रों के लिए खोल दिया गया था। हालांकि, दिल्ली में मार्च में संक्रमण दर बढ़ने और अप्रैल में दूसरी लहर से पहले ही छात्र कैंपस छोड़कर घर चले गए थे। इसके बाद अब विश्वविद्यालय सितंबर के पहले हफ्ते से रिसर्च व लैब वाले छात्रों के लिए खुलने जा रहा है। चरणबद्ध तरीके से खुलने की प्रक्रिया में आम छात्र घर से ही मानसून सेमेस्टर की पढ़ाई और परीक्षा ऑनलाइन देंगे।
केरल, नॉर्थ-ईस्ट और महाराष्ट्र के छात्रों के लिए अलग नियम
विश्वविद्यालय प्रशासन बेशक अगले हफ्ते से कैंपस खेलने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है, लेकिन देश के जिन राज्यों व इलाकों में संक्रमण दर अधिक होगी। ऐसे छात्रों के लिए अलग से गाइडलाइन बनाई जा रही है। इसमें केरल, नॉर्थ-ईस्ट और महाराष्ट्र प्रमुख हैं। कैंपस में इन छात्रों को क्वारंटीन अवधि पूरी करनी होगी। इसके अलावा 72 घंटे की आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट के अलावा वैक्सीन की दोनो डोज लगना अनिवार्य है।
अगले हफ्ते से खुलेगी लाइब्रेरी
दिल्ली सरकार ने बेशक शिक्षण संस्थान खोलने की अनुमति दे दी है, लेकिन विशेषज्ञ अक्तूबर-नवंबर में तीसरी लहर के संबंध में चेतावनी भी जारी कर रहे हैं। इसलिए कैंपस खोलने का फैसला लेने के साथ तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सभी छात्रों को नहीं बुलाया जाएगा। फिलहाल, अभी रिसर्च, लैब वाले अंतिम वर्ष के छात्रों को ही अनुमति मिलेगी। इसके अलावा अगले हफ्ते से लाइब्रेरी भी खुल जाएगी।
- प्रो. एम जगदीश कुमार, कुलपति, जेएनयू