मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता की ओर से कोई भी मौजूद नहीं था, यह देखते हुए कि पिछले कुछ मौकों पर भी याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व नहीं किया गया था।
हाईकोर्ट ने शुक्रवार को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें लाल किला हिंसा के दौरान कथित तौर पर अपनी ड्यूटी निभाने में नाकाम पुलिसवालों पर कार्रवाई की मांग की गई थी।
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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल एवं न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने इस बात पर गौर किया कि सुनवाई के दौरान याची की ओर से पक्ष रखने के लिए कोई मौजूद नहीं था। ऐसा पहले कई मौकों पर हो चुका था। इसे देखते हुए खंडपीठ ने याचिका खारिज कर दी।
पेश याचिका दिल्ली निवासी धनंजय जैन ने जनवरी में दायर की थी। याची ने किसानों के वेश में सड़कों पर जमे लोगों को हटाने और सड़कों एवं सार्वजनिक स्थानों को खाली कराने का आग्रह किया था। इसके अलावा याची ने पुलिस आयुक्त को तुरंत प्रभाव से हटाने की मांग की थी।
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याची ने ये भी मांग की थी कि महत्वपूर्ण स्मारकों की सुरक्षा के लिए अर्ध सैनिक बलों को तैनात किया जाए। इसके अलावा दिल्ली के लोगों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।