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जामिया रेंसिडेंशियल कोचिंग अकादमी: 10 वर्षों में देश को दिए 270 प्रशासनिक अधिकारी, हर साल 150 उम्मीदवारों का होता है चयन

Mon, 27 Sep 2021 01:29 PM IST
प्राची प्रियम सीमा शर्मा, नई दिल्ली

सार

आरसीए यूपीएससी की तैयारी के लिए आईआईटी की तर्ज पर दाखिला परीक्षा लेती है। इसका आयोजन देशभर में किया जाता है। अकादमी हर साल 150 उम्मीदवारों का चयन करती है।
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया(100 साल पूराना विश्वविद्यालय) आजादी से लेकर अबतक सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करवाकर देश सेवा में अपना अहम योगदान दे रहा है। जामिया की रेसिडेंशियल कोचिंग अकादमी एससी, एसटी, अल्पसख्ंयकों के साथ खास तौर पर महिलाओं को मुफ्त में प्रशासनिक सेवाओं से जोड़ने के लिए काम कर रही है।
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यूपीएससी 2020 की 176वीं रैंक होल्डर सहारनपुर के सरसावा की रहने वाली श्रेया सिंघल ने भी माना है कि यदि जामिया आरसीए नहीं होता तो उनका प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना कभी पूरा नहीं हो पाता। क्योंकि सुरक्षा के चलते दिल्ली में अकेले तैयारी करने की अनुमति परिवार कभी नहीं देता। उन्होंने कहा कि मेरे प्रशासनिक अधिकारी बनने का श्रेय अभिभावकों के साथ-साथ मैं आरसीए  को भी दूंगी।

जामिया आरसीए के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चयनित उम्मीदवारों को तीन चरणों में तैयारी करवाई जाती है। किसी भी एक चरण में असफल होने पर आरसीए से बाहर कर दिया जाता है। पहला चरण प्रारंभिक परीक्षा(प्रीलिम) होता है। यदि कोई छात्र प्रीलिम की परीक्षा में सफल नहीं होता है तो उसे अकादमी से बाहर कर दिया जाता है। इसके बाद दूसरा चरण मुख्य परीक्षा (मैन) है, इसमें भी सफल उम्मीदवारों को ही साक्षात्कार (इंटरव्यू) की तैयारी करवाई जाती है। यहां जनरल स्ट्डी, विषय विशेषज्ञता आदि पर कोचिंग मिलती है।
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हर उम्मीदवार का रोलमॉडल जेहन में....
आरसीए में बेहद आम परिवारों के छात्र उम्मीदवार बनकर आते हैं। उनके दिमाग में बपचन से प्रशासन, पुलिस से जुड़ा अधिकारी एक रोल मॉडल के रूप में जेहन में होता है। वे भी वैसा ही अधिकारी बनने का सपना देखते हैं। यही कारण है कि इंजीनियरिंग या अन्य कोई डिग्री होने के बाद भी वे देशी-विदेशी कंपनियों के लाखों-करोड़ों का पैकेज छोड़कर प्रशासनिक सेवाओं में आने के लिए रात-दिन तैयारी करते हैं और सफल होते हैं।

विविधता का सफलता में बड़ा योगदान
जामिया देश के हर राज्य और शहरों में इस दाखिला प्रवेश परीक्षा का आयोजन करती है। इसका मकसद दूरदराज, ग्रामीण व पिछड़े इलाकों के छात्रों को प्रशासनिक सेवाओं से जोड़ना है। इसका फायदा अकादमी में ग्रुप डिस्कशन के दौरान दिखता है। अलग-अगल राज्य, भाषा, संस्कृति, रहन-सहन वाले उम्मीदवार एक-दूसरे के माध्यम  से मिनी इंडिया को समझते हैं। दरअसल यही विविधता उनके इंटरव्यू में काम आती है।

उम्मीदवार तैयारी के आधार पर अपना मेन्यू खुद तय करते हैं
आरसीए के यह चयनित 150 उम्मीदवारों का ग्रुप हॉस्टल मेस में अपना मैन्यू खुद तैयार करता है। यहां रहने वाले अधिकतर उम्मीदवार रात-दिन पढ़ाई करते हैं। इसलिए वे तला, मसालेदार खाना पसंद नहीं करते हैं। पौष्टिक, कम तेल और मसाले पर आधारित खाना खाया जाता है। इसके लिए प्रति उम्मीदवार 2500 रुपये देने होते हैं।

यूपीएससी व पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों की टीम तैयार करती है प्रश्न-पत्र
जामिया रेजिडेंशियल कोचिंग अकेडमी (आरसीए)हर साल यूपीएससी की मुफ्त कोचिंग के लिए देशभर से महिला, एससी, एसटी व अल्पसंख्यक समुदाय से 150 उम्मीदवारों का संयुक्त दाखिला प्रवेश परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर चयन करती है। कठिन प्रवेश परीक्षा के आधार पर चयन होता है। क्योंकि यूपीएससी और पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों वाली टीम बेहद कठिन प्रश्न पत्र तैयार करते हैं, ताकि होनहार छात्रों को सफलता मिल सके।
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